हरीश रावत ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 73 हजार से बढ़कर एक लाख 75 हजार रुपये वार्षिक पहुंच गई थी जिसे 2022 में सरकार बनने पर तीन लाख करने का संकल्प है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खनन प्रेमी की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें विकास और कल्याणकारी योजनाओं से कोई लेना देना नहीं है।
रावत ने कहा कि अब 2022 में उत्तराखंड में और 2024 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी। राहुल गांधी प्रधानमंत्री के रूप में दिल्ली के लालकिले पर तिरंगा फहराएंगे। उन्होंने यशपाल आर्य की पार्टी वापसी को कांग्रेस के दिल के टुकड़े की वापसी बताया।
पूर्व मंत्री यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी का यह हाल है कि अफसर मंत्रियों तक के फोन नहीं उठाते। कोई भी छोटे से छोटा चुनाव हो लेकिन वोट प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर ही मांगे जाते हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने भी भाजपा सरकार को घेरा।
रावत ने कहा था कि सरकारी तंत्र की जानकारी में कांग्रेस का पूर्व प्रस्तावित शंखनाद कार्यक्रम था, लेकिन भाजपा ने उस पर खलल डालने के लिए सरकारी तंत्र को आगे किया। सरकार ने कार्यक्रम की व्यापकता को भांपते हुए षड्यंत्र के तहत मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगाया।
कांग्रेस की जनसभा में वरिष्ठ नेताओं ने जहां प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया वहीं कार्यकर्ताओं में जोश भी भरा। उन्होंने कहा कि चुनाव में जुट जाने का समय आ गया है। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल और संचालन महानगर अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने किया।
झूठे नारे- झूठे वायदों वाली यह सरकार अब नहीं चलेगी। भाजपा सत्ता में नहीं बल्कि विपक्ष में ही अच्छी लगती है, इन्हें सरकार चलाना नहीं आता। उन्होंने कहा कि 24 हजार युवाओं को रोजगार देने वाली भाजपा सरकार से मैं पूछता चाहता हूं कि पांच साल में कितने युवाओं को रोजगार दिया बताएं? विकास कहीं दिखता नहीं, केवल होर्डिंग तक ही विकास सीमित है।
-यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री
जनसभा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का सबूत है कि अब बदलाव निश्चित है। उन्होंने कहा कि अब यशपाल आर्य के कंधों पर इस बार बड़ी जिम्मेदारी है।
-गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष
भाजपा को सत्ता से उखाड़ने का अब वक्त का आ गया। कार्यकर्ता 2022 में पूर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनाएं ताकि प्रदेश का विकास हो सके।
-देवेंद्र यादव, प्रदेश प्रभारी
डबल इंजन की सरकार अगर सही काम कर रही थी तो मुख्यमंत्री पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत को क्यों हटाया गया। डबल इंजन वाली यह पहली ऐसी सरकार है जिसने उत्तराखंड में आपदा आने पर कोई मदद नहीं की। केंद्रीय गृहमंत्री दो बार आए, फिर प्रधानमंत्री भी दौरे पर आए मगर आपदा प्रभावितों के लिए कोई आर्थिक मदद देने की घोषणा नहीं की।
- प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष
गोल्डन कार्ड के नाम पर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों का पैसा काटा जा रहा है मगर लाभ कोई नहीं मिल रहा। डबल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल है। इस बार भाजपा सरकार की विदाई तय है।
-सुमित हृदयेश, प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस पब्लिसिटी कमेटी
भाजपा सरकार ने प्रदेश में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया, सिर्फ घोषणाएं ही होती रहीं। अब समय आ गया है कि जनता विकास विरोधी इस सरकार को जड़ से उखाड़ फेंके।
-प्रयाग भट्ट, वरिष्ठ नेता
हरदा ने अपने भाषण में नहीं लिया इंदिरा का नाम
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रामलीला मैदान में अपने आधे घंटे के भाषण में भाजपा पर जबरदस्त प्रहार किया लेकिन अपने इंदिरा हृदयेश एक बार भी नाम नहीं लिया। जबकि यशपाल आर्या और सोनिया गांधी का कई बार नाम लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम पुष्कर सिंह धामी हरीश रावत ने निशाने पर रहे। उन्होंने दावा किया कि अब भाजपा सरकार जाने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी घोषणाओं पर अमल नहीं कर पाएंगे। सरकार चली जाएगी। कहा कि यदि उत्तराखंड में सरकार बनती है तो देश में भी दो साल बाद कांग्रेस की सरकार आएगी। लालकिले पर कांग्रेस का प्रधानमंत्री झंडा फहराएगा।