विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना से पूर्व मंगलवार को कांग्रेस की बैठक में आगामी दिनों के लिए रणनीतिक कवच तैयार किया गया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से विशेष पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए सांसद एवं कांग्रेस चुनाव समिति (सीईसी) सदस्य दिपेंद्र हुड्डा, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एमबी पाटिल की अगुवाई में जहां मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर चर्चा की गई तो वहीं, भाजपा के प्लान-बी को फेल करने के लिए रणनीति तैयार की गई।
पोस्टल बैलेट से संबंधित मुद्दों पर हुई विशेष बातचीत
वर्ष 2016 की घटना से भी पार्टी इस बार ज्यादा सतर्क है। ऐसी घटना दोहराई न जाए, इसके लिए कांग्रेस पहले कवच तैयार कर लेना चाहती है। राजपुर रोड स्थित एक होटल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बंद कमरे में मैराथन बैठकों का दौर चला। एआईसीसी की ओर से विशेष पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए सांसद एवं सीईसी सदस्य दिपेंद्र हुड्डा, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एमबी पाटिल ने स्थानीय नेताओं से चर्चा की।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Exit Poll Live: उत्तराखंड में कांग्रेस की बन सकती है सरकार, एग्जिट पोल का अनुमान, पढ़ें पल-पल का अपडेट
बैठक में चुनिंदा नेताओं को ही बुलाया गया था। इनमें वरिष्ठ पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, सह प्रभारी दीपिका पांडे सिंह, कुलदीप इंदौरा, राजेश धर्माणी, स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अविनाश पांडे, सदस्य अजय राठौर, अजय कुमार, जरिता लेफ्टलांग और एआईसीसी की ओर से नियुक्त किए गए पांचों लोकसभा क्षेत्रों के पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि दस मार्च को होने वाली मतगणना से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आना और आपस में चर्चा करना एक सामान्य बात है। इस चर्चा में विशेषकर पोस्टल बैलेट से संबंधित मुद्दों पर बातचीत की गई।
भाजपा के प्लान बी की काट के लिए तैयार ः कांग्रेस
इसके अलावा भाजपा का आठ-दस दिन पहले से ही ऐसे लोगों को उत्तराखंड भेजना, जो पूर्व में भी सरकारों को अस्थिर करने का काम करते रहे हैं, उसके मद्देनजर अपने लोगों को सचेत करना, अपने लोगों की सुरक्षा करना भी हमारा नैतिक कर्तव्य है।