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उत्तराखंड में 'का बा' : यहां मोदी जी का खेल बा, चुनावी घमासान बा, उत्तराखंड त्यार बा

Tue, 08 Feb 2022 01:42 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

हमने निवेदन किया था कि उत्तराखंड में का बा अर्थात उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों अथवा ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से सवाल करने की मुद्रा में ही रचनाएं भेजनी है। कई रचनाएं विषय से भटकी मिल रही हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में का बा के विमर्श में लगातार बड़ी संख्या में रचनाएं प्राप्त हो रही हैं। हमने निवेदन किया था कि उत्तराखंड में का बा अर्थात उत्तराखंड सरकार की उपलब्धियों अथवा ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से सवाल करने की मुद्रा में ही रचनाएं भेजनी है। कई रचनाएं विषय से भटकी मिल रही हैं। उनका प्रकाशन हम नहीं कर पा रहे। सभी रचनाओं का प्रकाशन संभव नहीं है। लिहाजा कुछ चुनिंदा रचनाओं का ही प्रकाशन किया जा रहा है। 

 

कनखल हरिद्वार सुमित शर्मा की रचना : 

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महंगाई इतनी बढ़ी,जीना हुआ मुहाल

अक्ल बड़ी हैरान है, ये कैसा हुआ बवाल
दाल गरीब ना खा सके, उसके लिए है ख्वाब
साग सब्जी का मोल सुन, हालत हुई खराब 
आसमान छूने लगा आटा,चीनी, तेल 
हर एक चीज के दाम बढ़े, भाव हुए बेमेल 
आज भरोसा उठ चुका, कभी था जिनका साथ 
शक की नजर से देखते, दूर से करते बात 
मंहगी दारु पी रहे, ना जाने कुछ लोग
जुए का भी शौक हैं, सट्टे का भी रोग ।
 - सुमित शर्मा,  कनखल हरिद्वार

चुनावी घमासान बा, उत्तराखंड त्यार बा
क्या करें बेरोजगार बा, शिक्षा न रोजगार बा
बड़े बड़े वादे, बड़ी बड़ी बातें, ये चुनावी चालाकी 
अब के न फंसने का इसमें उत्तराखंडी 
बा उत्तराखंड त्यार बा
-हसन हादी, देहरादून

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उत्तराखंड में काबा, बद्री केदार बा...

उत्तराखंड के गठन पर, करा सबने हर्ष,
युवा अवस्था पार करी, हुए पूर्ण 21वर्ष।
चुनौतियां पहाड़ सी बनी, रहीं जस तस,
जनता जीवन ज्ञापन करती, संग संघर्ष।
- निशीथ कुमार माहेश्वरी
 
शहर में सारे नेताओं का
डेरा भी अब लगने लगा,
जमीं पर आने लगे अब
ईद के चाँद थे जो नेता
धूल झोंकने को आँखों में
चुनावी मेला सजने लगा।
- सचिन अग्रवाल, जसपुर

उत्तराखंड में काबा।
बद्री केदार बा।
पांच -पाच प्रयाग बा।
शिव का कैलाश बा।
मां नंदा का वास बा।
बिजली की भरमार बा।
 भाजपा सरकार बा।
 - रणजीत सिंह रावत
भगत सिंह कॉलोनी देहरादून


उत्तराखंड में ई बा
यहां मोदी जी का खेल बा,
सभी विपक्षी फेल बा,
गांव-गांव खुशहाल बा,
अब सड़कन का जाल बा,
अभी भी करोनाकाल बा,
भर झोला राशन माल बा,
अब ज्यादा नहीं बवाल बा,
ई-सुविधा का धमाल बा,
अब उत्तराखंड निहाल बा।
-अरुण कुमार पाठक. रानीपुर, हरिद्वार

मुखौटे पहनकर झूठे सभी किरदार ले डूबे, पहाड़ों की बहारों को सियासतदार ले डूबे  

मुखौटे पहनकर झूठे सभी किरदार ले डूबे
पहाड़ों की बहारों को सियासतदार ले डूबे
गोस्वामी प्रेम
-रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)

गंगा जमुना उद्गार बा, बद्री केदार के दरबार बा
कुंभ का हरिद्वार बा, पर्यटन की भरमार बा
नैनी के ताल बा, अल्मोड़ा के बाल बा
चमोली के बुग्याल बा, मसूरी के ढाल बा
-हरी सिंह यादव, रुद्रपुर ऊधमसिंह नगर
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मंहगाई,बेरोजगारी,पलायन, समस्या है अति गंभीर

मंहगाई,बेरोजगारी,पलायन, समस्या है अति गंभीर
नही है स्थिति में सुधार, क्या ऐसा चाहा था हमने
अपना उत्तराखंड जनाब
-संजय प्रधान,देहरादून।

उत्तराखंड की देव-भूमि में, बेरोजगारी,पलायन,
सड़क, बिजली,पानी, समस्याओं का पहाड़ बा।
प्रजातंत्र का त्योहार, चुनाव की बयार बा,
कर्मठ-नेता,सशक्त-दल की, राज्य को  है दरकार
सोच-समझ मतदान कर,  चुनो कल्याणकारी सरकार।
-कमलाकांत मुनगली,नैनीताल।

जगमगाते हुए राजमहल में बैठे, क्या तुम अंधकार को भूल गए?
जनता सहे दुख दर्द अत्याचार, क्या राजधर्म तुम सब भूल गए?
जो विचर रहे भूखे सड़कों पर,  क्या पहुंचे न उनकी चीत्कार?
तुम बैठ कर राजसिंहासन पर, क्यों सुन न पाओ क्रंदन पुकार?
-निशीथ कुमार माहेश्वरी

उत्तराखंड में बद्री केदार बा, पांच-पांच प्रयाग बा।
शिव का कैलाश बा,  मां नंदा का वास बा, बिजली की भरमार बा,
-रणजीत सिंह रावत, भगत सिंह कॉलोनी देहरादून

किसानों की खेती बर्बाद है का बा
सुअर, बंदरों के झुंड तक सिमट गयी का बा
मडुवा, झंगोरे और लाल चावल की खेती पर
तनिक नहीं किया विचार का बा
पानी और जवानी बिक रही बिन मोल
शराब और नशे का पनप रहा कारोबार
बीमार और गर्भवती को डोली का सहारा काबा
स्वास्थ्य, शिक्षा  और न रोजगार का बा ?
-अमृता पांडे, स्वतंत्र लेखिका, हल्द्वानी नैनीताल
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