दृष्टि पत्र की कुछ प्रमुख घोषणाएं जो अभी अधूरी
1. गरीब मेधावी छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क लैपटॉप या स्मार्ट फोन बांटे जाएंगे। मुख्यमंत्री इस योजना की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अभी मामला टेंडर प्रक्रिया में है।
2. प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए आवासीय विद्यालय खुलेंगे। कुछ जिलों में आवासीय विद्यालय खोलने की अभी घोषणा हुई है।
3.सभी विश्वविद्यालयों में मुफ्त वाई-फाई की सुविधा। कई विश्वविद्यालयों के छात्रों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है।
4.गढ़वाल और कुमाऊं में ट्रामा सेंटर खुलेगा। इस घोषणा पर प्रभावी ढंग से अमल नहीं हो पाया। पहले से स्थापित ट्रामा सेंटरों की भी हालत खराब है। कुमाऊं में ट्रामा सेंटर मेडिकल कॉलेज में खुला है, लेकिन जानकारों मानना है कि ये मानकों के अनुरूप नहीं है।
5.पर्यटन गाइड के लिए प्रशिक्षण केंद्र खुलेगा। यह घोषणा भी अभी अधूरी है। इससे पीछे पर्यटन गाइड के प्रशिक्षण के जरिये स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का उद्देश्य था।
6. 2019 तक सभी गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। प्रदेश के सभी गांवों को अभी तक सड़कों से नहीं जोड़ा जा सका है। अभी भी उत्तराखंड में गांवों की संख्या जो सड़कों से नहीं जुड़ सके हैं।
7. प्रदेश की नई युवा नीति बनाई जाएगी। 2011 में प्रदेश की युवा नीति बनाई गई थी। भाजपा ने 2017 के दृष्टि पत्र में नई युवा नीति बनाने की घोषणा की।
8.खाली और पदोन्नति के पदों को छह माह में भरेंगे। भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में कर्मचारियों के हित में यह घोषणा की थी कि छह महीने के अंदर पदोन्नति के सभी पद भरे जाएंगे और खाली पदों को भरा जाएगा। लेकिन चुनावी साल में राज्य सरकार ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए
ये घोषणाएं भी हैं
9. महिलाओं को स्ववरोजगार के लिए 20 करोड़ निधि का सामाजिक सुरक्षा कोष।
10. महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम को फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित होंगे।
11. एससी व एसटी के बैक लॉग के पदों को प्राथमिकता से भरा जाएगा।
12. व्यापारियों के हित में व्यापार कल्याण बोर्ड बनेगा।
13. असंगठित क्षेत्र के ठेला गाड़ी, चाल, दुकानों, होटलों में काम करने वाले घरों में काम करने वाले महिला-पुरुष, साइकिल रिक्शा चालक, हॉकर के लिए उत्तराखंड सरकार ने दीन दयाल सुरक्षा बीमा योजना शुरू होगी।
14. आर्थिक अपराधों के लिए विशेष न्यायालयों का गठन होगा।
15. भ्रष्टाचार रोकने के लिए एंटी करप्शन सेल बनेगा।
16. कर्मचारियों के मसलों के समाधान के लिए शिकायत प्रकोष्ठ बनेगा।
17. दुर्गम क्षेत्रों में सेवारत शिक्षकों व कर्मचारियों को दुर्गम भत्ता दिया जाएगा।