चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भाजपा पर हमले की कमान शनिवार को खुद संभाली। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उनके मुख्यमंत्रित्व काल में शुरू की गई तमाम योजनाओं को एक-एक कर बंद कर दिया। अब वह जनता के बीच जाकर भाजपा से इसका हिसाब मांगेंगे। कांग्रेस तीन सितंबर से परिवर्तन यात्रा शुरू करने की जा रही है। उत्तराखंड से एक बार फिर कांग्रेस की विजय का जयश्री गणेश होगा।
हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंडियत की रक्षा, रोजगार, खेती-किसानी चिकित्सा, शिक्षा जैसे अहम विषय भाजपा सरकार में रसातल की ओर जा रहे हैं। पिछले साढ़े चार साल में भाजपा ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। राज्य को एक बार फिर विकास की राह पर लाने के लिए परिवर्तन जरूरी है। इसके लिए कांग्रेस तीन सितंबर से परिवर्तन यात्रा शुरू करने जा रही है। जो चार चरणों में पूरी होगी। पहला चरण कुमाऊं के खटीमा से शुरू होगा। दूसरा कुमाऊं के पहाड़ और मैदान, तीसरे चरण में परिवर्तन यात्रा गढ़वाल में प्रवेश करेेेगी। चौथे चरण और अंतिम चरण हरिद्वार में पूरा होगा।
परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड के सम्मान को लौटाना है। उत्तराखंडियत की रक्षा करना है। हरीश ने कहा कि जब हम राज्य को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की बात करते हैं तो पहले शिक्षा की बात होती है, फिर चिकित्सा की बात होती है। पिछले साढ़े चार सालों में शिक्षा और चिकित्सा में कोई सुधार नहीं हुआ। इस क्षेत्र में जो कदम हमने बढ़ाए थे, वह भाजपा सरकार ने पीछे कर दिए। आज नौजवानों के पास काम नहीं है। उनमें असंतोष घर कर रहा है। कांग्रेस रोजगारपरक नीति लेकर आएगी। रोजगार पर हमारा क्या स्टैंड है, इसे भी शीघ्र जनता के बीच रखा जाएगा।
इस दौरान उन्होंने सत्ता में आने पर 200 यूनिट बिजली फ्री देने और महिलाओं को रसोई गैस में दो सौ रुपये प्रतिमाह सब्सिडी देने की बात भी दोहराई। प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व विधायक दिनेश अग्रवाल, शूरवीर सिंह सजवाण, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय नीति अपनाएंगे
हरीश रावत ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय नीति का अनुसरण करेगी। उत्तराखंड में धर्म, जाति के आधार पर जनसंख्या दर समान है। केरल की तरह उत्तराखंड शिक्षित है। उन्होंने कहा कि हमारा तो भाजपा से जन्मजात बैर है। हम लोकतांत्रिक संस्कृति की बात करते हैं, वह एक वर्ग की बात करते हैं।