आखिरी समय में बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां
रावत का आरोप है कि सरकार ने आखिरी समय में बड़े पैमाने पर राजनीतिक नियुक्तियां की हैं। इनकी प्रेस रिलीज और पोस्टर आचार संहिता लागू हो जाने के बाद बाहर आ रहे हैं। स्पष्ट है कि राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के बाद यह नियुक्तियां की गई हैं, जो चुनाव आयोग के नियमों का खुला उल्लंघन है। ऐसा करके सरकार किसकी आंखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि ऐसी सभी फाइलों को सीज किया जाए और नियुक्तियों को रद्द किया जाए। जिन अधिकारियों ने ऐसे आदेश जारी किए हैं, उनके ऊपर चुनाव आयोग नियमों के अनुसार कार्रवाई करे।
सत्ता में आने पर तमाम नियुक्तियां रद्द करेगी कांग्रेस
हरीश रावत ने कहा सरकार ने आनन-फानन में सांविधानिक पदों पर जो राजनीतिक नियुक्तियां की हैं, कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर सबको रद्द करने के साथ इनकी जांच कराई जाएगी। इस जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ कांग्रेस हर तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।
राशन किट पर अब भी चस्पा है पीएम-सीएम का फोटो
हरीश रावत ने कहा कि भाजपा की ओर से प्रदेशभर के मुख्य मार्गों सहित समस्त पेट्रोल पंपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रकाशन किया गया है। चुनाव आचार संहिता के मद्देनजर इन विज्ञापनों को नहीं हटाया गया है और न ही पेट्रोल पंपों पर लगे विज्ञापनों को ढका गया है। इसके अलावा राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत सस्ता गल्ला के माध्यम से वितरित की जाने वाली राशन किटों पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाकर वितरित किया जा रहा है, जो कि आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।
आबकारी को दिए हैं मदिरा पहुंचाने के निर्देश
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जिलों में आबकारी के अधिकारियों को भाजपा के उम्मीदवारों को मदिरा पहुंचाने का फरमान सुनाया गया है। कौन कितनी मदिरा पहुंचाएगा, इसका हिसाब-किताब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस विभाग के पास इसे रोकने की जिम्मेदारी है, यदि उसी को कैरियर बना दिया जाएगा तो यह प्रदेश मदिरामय हो जाएगा।
विधानसभा में बैकडोर नियुक्तियों की निंदा की
पूर्व सीएम हरीश रावत ने विधानसभा में बैक डोर से नियुक्तियों के मामले में कहा कि अभी प्रत्यक्ष रूप से कोई मामला ऐसा सामने नहीं आया है, यदि विधानसभा में भी गाइडलाइन का दुरुपयोग हो रहा है तो यह गंभीर मामला है। एक निष्पक्ष संस्था में भी यदि ऐसा हो रहा है तो हम इसकी घोर निंदा करते हैं। वहीं, पुलिस कर्मियों को ग्रेड पे दिए जाने के मामले में उन्होंने संयम रखने की सलाह दी। कहा कि कांग्रेस सत्ता में आएगी तो उन्हें न्याय देंगे, जो उनका अधिकार है, उन्हें वापस मिलेगा।