प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने विधानसभा चुनाव में अबकी बार 60 पार का नारा दिया है, वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस में जीत का दारोमदार ही 60 पार दावेदारों के कंधे पर नजर आ रहा है। स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष अब तक प्रस्तुत हुए आवेदनों में से 30 से अधिक सीटों पर 60 वर्ष से अधिक आयु के नेताओं ने टिकट के लिए दावेदारी पेश की है।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी है, वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं, लड़ेंगे तो कहां से, यह अभी तक नहीं है, लेकिन तमाम वरिष्ठ 60 पार नेताओं ने जरूर आवेदन किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार आधी से अधिक सीटों में दिग्गजों के कंधे पर ही पार्टी की नैया पार लगाने की जिम्मेदारी रहेगी। 60 प्लस इन नेताओं में कुमाऊं में जागेश्वर से गोविंद सिंह कुंजवाल, लालकुआं से हरीश दुर्गापाल, गंगोलीहाट से नारायण राम आर्या, पिथौरागढ़ से मयूख सिंह महर, रामनगर से रंजीत रावत, ऊधमसिंह नगर से भोपाल सिंह राणा, सितारगंज से नारायण पाल और बाजपुर से यशपाल आर्य दावेदारी पेश कर रहे हैं।
Uttarakhand Election 2022: छह को राजनाथ सिंह तो आठ जनवरी को प्रियंका गांधी वाड्रा आएंगी उत्तराखंड
वहीं अगर गढ़वाल की बात करें तो रुद्रप्रयाग से मातवर सिंह कंडारी, कोटद्वार से सुरेंद्र सिंह नेगी, गंगोत्री से विजय पाल सजवाण, धनोल्टी से जोत सिंह बिष्ट, टिहरी से किशोर उपाध्याय और देवप्रयाग से मंत्री प्रसाद नैथानी दावेदारी पेश कर रहे हैं। देहरादून से चकराता से प्रीतम सिंह, विकासनगर से नव प्रभात, धर्मपुर से दिनेश अग्रवाल, रायपुर से प्रभुलाल बहुगुणा, डोईवाला से हीरा सिंह बिष्ट, ऋषिकेश से शूरवीर सिंह सजवाण दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, हरिद्वार में ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, ज्वालापुर में एसपी सिंह, रानीपुर में मुरलीधर और लक्सर में रामयश सिंह और राम सिंह सैनी मैदान में उतरने को आतुर हैं। इनमें से कई नेता ऐसे भी हैं, जो 70 प्लस हैं।
अपनों के लिए भी है टिकट की चाहत
कांग्रेस पार्टी के भीतर कुछ ऐसी स्थितियां भी बन रही हैं, जहां एक परिवार में एक से अधिक टिकट दिए जा सकते हैं। इनमें पहला नाम हरीश रावत का ही लिया जा रहा है, जिसमें उनके अलावा बेटे या बेटी को भी टिकट दिया सकता है। दूसरा नाम यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य का है। यशपाल आर्य भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे तो उनके बेटे संजीव विधायक। पार्टी सूत्रों के अनुसार रंजीत रावत और कुछ और वरिष्ठ नेता भी परिजनों के लिए टिकट की मांग कर रहे हैं।