सियासी हलकों में यह सवाल भी तैर रहा है कि आखिर प्रत्याशियों के एलान से पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत मैदान से क्यों हट गए? क्या पार्टी उनका टिकट काटने जा रही थी? या भाजपा उन्हें चुनाव लड़ाकर सरकार बनने की स्थिति में मुख्यमंत्री के नाम पर कोई संशय पैदा नहीं होने देना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक, संगठन की ओर से केंद्रीय नेतृत्व को यह फीडबैक है कि चुनाव क्षेत्र में त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ माहौल है। हालांकि, त्रिवेंद्र समर्थकों का मानना है कि विरोध का माहौल आम जन में नहीं बल्कि पार्टी के कुछ नेताओं के बीच है।
तो क्या भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे त्रिवेंद्र
त्रिवेंद्र के चुनाव लड़ने और उन्हें अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना के बीच यह प्रश्न भी सामने आया कि क्या पार्टी उन्हें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बना सकती है? प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक हरिद्वार सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव के दौरान वह संगठन को अधिक समय नहीं दे पाएंगे। माना जा रहा है कि उनकी जगह त्रिवेंद्र को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि इस पद के लिए पार्टी के महामंत्री राजेंद्र भंडारी, कुलदीप कुमार, सुरेश भट्ट और डॉ. देवेंद्र भसीन के नाम पर चर्चाओं में हैं।
धामी के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए पूरा समय लगाना चाहता हूं : त्रिवेंद्र
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को डेढ़ पन्ने का पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा कि यह मेरा परम सौभाग्य है कि पार्टी ने मुझे देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया। पीएम मोदी का भरपूर सहयोग व आशीर्वाद मिला। उनका धन्यवाद करना चाहूंगा। डोईवाला विस वासियों का ऋण तो कभी चुकाया नहीं जा सकता, उनका भी कृतज्ञ भाव से धन्यवाद करता हूं। मेरा विश्वास है कि क्षेत्र के लोगों का आशीर्वाद पार्टी को आगे भी मिलता रहेगा। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हुआ।
पुष्कर सिंह धामी के रूप में युवा नेतृत्व मिला। बदली राजनीतिक परिस्थितियों में मुझे विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। मैं अपनी भावनाओं को पूर्व में भी अवगत करा चुका हूं। मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं, राष्ट्रीय सचिव, झारखंड प्रभारी, यूपी लोस 2014 में सह प्रभारी जिम्मेदारी निभा चुका हूं। महाराष्ट्र, दिल्ली, चंडीगढ़, हिमाचल पंजाब, हरियाणा चुनाव अभियानों में काम कर चुके हैं। वह धामी के नेतृत्व में पुन: सरकार बने, उसके लिए पूरा समय लगाना चाहता हूं। मेरे चुनाव न लड़ने के अनुरोध को स्वीकार करें ताकि सरकार बनाने के लिए संपूर्ण प्रयास कर सकूं।