आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठनात्मक फेरबदल में हर खेमे को तरजीह देकर संतुलन साधने की कोशिश की है। कांग्रेस की नई टीम में हाईकमान ने पार्टी के क्षत्रपों को चुनावी रणनीति में शामिल किया है। आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस से सीएम का चेहरा कौन होगा। इस पर संशय बरकरार है।
हालांकि कांग्रेस संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने का एलान कर चुकी है। 2022 के लिए कांग्रेस आलाकमान ने गणेश गोदियाल को संगठन की कमान सौंपी है। पहली बार गोदियाल को अध्यक्ष पद मिला है।
वहीं, कांग्रेस के दिग्गज व पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी दी है। पार्टी के सभी क्षत्रपों को संगठन में तवज्जो देकर चुनावी रणनीति में शामिल किया है। पार्टी के सभी पूर्व मंत्रियों, विधायक के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को संगठन में किसी न किसी रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठनात्मक फेरबदल में पार्टी हाईकमान ने हर खेमे को तरजीह देख कर संतुलन साधा है। लेकिन कांग्रेस ने चुनावी चेहरा तय नहीं किया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 2022 के लिए चुनाव चेहरा घोषित किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी से कर्नल अजय कोठियाल सीएम का चेहरा होंगे।
वर्ष 2016 में जब हरीश रावत सरकार के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के नेतृत्व में कांग्रेस के कुछ विधायकों ने बगावत की थी, उस समय पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए गणेश गोदियाल के पास भी इस बगावत में शामिल होने का ऑफर था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
आज गणेश गोदियाल को कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कहीं न कहीं उसी का इनाम मिला है। चुनावी वर्ष में मिली इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए उनके सामने पार्टी के दिग्गजों को संभालने की चुनौती रहेगी।
उत्तराखंड कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेय के निधन के बाद नए नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा के बाद आखिरकार पूरे मामले का पटापेक्ष हो गया। नई कमेटियों में जितने भी नामों की घोषणा की गई है, उनमें क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ जातीय समीकरण और पार्टी में गुटबाजी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
इसके बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। जैसा की संभावना जताई जा रही थी कि चुनाव संचालन समिति की कमान हरीश रावत को सौंपी जा सकती है। ठीक वैसा ही हुआ। इसे पंजाब कांग्रेस में उपजे विवाद को सुलझाने के इनाम की तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा सरकार के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर कांग्रेस का पंच यानी पांच प्रदेश अध्यक्षों का प्रयोग कितना प्रभावी होगा? भाजपा ने युवा नेतृत्व 60 प्लस का नारा देकर पहले ही साफ कर दिया है कि पार्टी मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में चुनाव में जाएगी। धामी की टक्कर में कांग्रेस ने सियासत के महारथी हरीश रावत को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपी है।
सियासी जानकारों का मानना है कि चुनावी रथ की कमान हरीश रावत को देकर पार्टी ने एक तरह से उनके चेहरे पर चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। हालांकि पार्टी में हरीश रावत के विरोधी के खेमे के नेता इस तर्क से सहमत नहीं हैं और वे यही कह रहे हैं कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।