फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Election 2022: भाजपा में करीब 50 नामों पर सहमति, मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष व मंत्रियों के टिकट तय

Sat, 15 Jan 2022 06:21 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

सूत्रों का कहना है कि पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रहलाद जोशी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में चुनाव क्षेत्रों से लाए गए नामों की पेटी खोली गईं। वरिष्ठ नेताओं के बीच इन नामों पर गहन मंथन हुआ। 
विज्ञापन
मंत्री हरक सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ भाजपा में करीब 50 नामों पर सहमति बन गई है। शनिवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में कोर ग्रुप ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक को नामों पर सहमति बनाने के लिए अधिकृत किए। इसके बाद हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में नामों के पैनल तैयार किए गए। 

विज्ञापन


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के मुताबिक, सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए नामों के पैनल तैयार कर लिए गए हैं। ज्यादातर सीटों पर दो व तीन नाम हैं। कुछेक सीटों पर एक-एक नाम भी है। बैठक में प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, सांसद अजय टम्टा, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल समेत कई अन्य सदस्य मौजूद थे। 

खटीमा से चुनाव लड़ेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया कर्मियों को यह जानकारी दी। हालांकि धामी पूर्व में भी साफ कर चुके हैं कि उनका पहला और आखिरी प्यार खटीमा विधानसभा सीट ही है। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का भी हरिद्वार शहर सीट से टिकट तय है।
विज्ञापन


मंत्रियों व वरिष्ठ विधायकों के नाम पर भी सहमति
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव समिति की बैठक में प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों व अधिकतर वरिष्ठ विधायकों के नाम पर सहम ति बना दी है। करीब 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव समिति को कोई उलझन नहीं है। अंतिम फैसला केंद्रीय संसदीय बोर्ड को लेना है। भाजपा में करीब 20 विधानसभा सीटों पर सहमति नहीं बन पाई है। प्रदेश चुनाव समिति ने इस सीटों पर नामों का पैनल तो बना लिया है और लेकिन उस पर सहमति और निर्णय केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ा है।

Uttarakhand Election 2022: विरासत की सियासत, परिवारवाद की छाया से भाजपा और कांग्रेस भी महफूज नहीं
रविवार को दिल्ली में हो सकती है बैठक
रविवार को नई दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें उत्तराखंड से नामों के पैनल पर विचार होगा। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार भी शिरकत करेंगे। भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक 19 जनवरी हो सकती है। इस बैठक में उत्तराखंड से भेजे गए नामों पर मंथन होगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बोर्ड की बैठक के बाद पार्टी किसी भी दिन प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है। पार्टी सूत्र 20 या 21 जनवरी तक प्रत्याशियों की घोषणा की संभावना जता रहे हैं। शनिवार को पार्टी कार्यालय में सबसे पहले कोर ग्रुप की बैठक हुई। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, सांसद अनिल बलूनी को छोड़कर बाकी सभी सदस्य शामिल हुए। रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट ने वर्चुअल शिरकत की। 
 

विज्ञापन

कोर ग्रुप में ये प्रमुख निर्णय हुए

- टिकटों के एलान के बाद संभावित बगावत को थामने के लिए सांसदों को जिम्मेदारी दी गई
- कोरोना की परिस्थिति के अनुरूप चुनाव प्रचार की रणनीति पर चलेगी पार्टी
- कोर ग्रुप के सदस्यों से राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए सुझाव मांगे

हरक नहीं आए, केदारनाथ से लड़ सकते हैं
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत कोर ग्रुप की बैठक में नहीं आए। रावत की गैरमौजूदगी को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा गया। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने इससे इंकार किया। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने हरक सिंह को केदारनाथ विस से उतार सकती है।

चुनाव समिति में विधानसभा क्षेत्रों से आए नामों पर विचार करके पैनल तैयार कर लिए गए हैं। पैनल केंद्रीय संसदीय बोर्ड को भेजे जाएंगे। बोर्ड प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेगा। सभी 70 सीटों पर पार्टी एक साथ नाम घोषित कर सकती है।
मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा से ही चुनाव लड़ने के दिए संकेत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह खटीमा में पले-बढ़े हैं। वहां की जनता ने उनको सीएम की कुर्सी तक पहुंचाया है, ऐसे में वह खटीमा को कैसे छोड़ सकते हैं। एक तरह से उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह खटीमा छोड़कर अन्य स्थान से चुनाव नहीं लड़ेंगे।मुख्यमंत्री धामी सुशीला तिवारी अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करने के बाद थाल सेवा कार्यक्रम देखने के लिए गए। यहां खिचड़ी खाने के बाद मुख्यमंत्री पत्रकारों से रूबरू हुए।

विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि उनकी देहरादून से चुनाव लड़ने की चर्चा गलत है। वह खटीमा की मिट्टी को छोड़कर कहीं और जाने वाले नहीं हैं। खटीमा के लोगों से उनका विशेष लगाव है। एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि हरीश रावत वरिष्ठ नेता हैं। उनको कुछ कहना नहीं चाहते हैं लेकिन हरीश रावत को उनकी ही पार्टी के लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं। कांग्रेस में कई गुट हैं। कांग्रेस 2017 के बाद से लगातार चुनाव हार रही है। छह महीने से वह मुख्यमंत्री हैं और लगातार काम कर रहे हैं। 

सीएम का दावा-डेढ़ लाख करोड़ के कामों को मिली स्वीकृति
सीएम ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब डेढ़ लाख करोड़ के कामों को स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग से रेल, सड़क सहित हर विभाग में काम चल रहा है। आयुष्मान योजना के तहत गरीबों को पांच लाख तक के इलाज कराने की मोदी सरकार ने व्यवस्था की है। सबका विकास होगा। 

नहीं चलेगी तुष्टिकरण की नीति : सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति नहीं चलेगी। चुनाव राष्ट्रवाद और विकासवाद के मुद्दे पर होगा। भाजपा ने युवा मुख्यमंत्री दिया है और युवाओं को टिकट भी मिलेंगे। पार्टी में दावेदारों की संख्या अधिक होने के कारण टिकट के चयन में थोड़ा विलंब होगा। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आचार संहिता लगने से पहले सरकारी निर्णय लिए थे। आचार संहिता लगने के बाद कोई निर्णय नहीं लिया। इस मामले में सारे कागजात चुनाव आयोग को भेजे हैं। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। इसी कारण वह निराधार आरोप लगा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें