प्रदेश भाजपा जल्द ही सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में वर्चुअल रैलियां शुरू करेगी। इन रैलियों को पार्टी के स्टार प्रचारकों के अलावा प्रांतीय नेता और प्रत्याशी संबोधित करेंगे। वर्चुअल रैलियां 20 जनवरी से शुरू हो सकती हैं। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भाजपा ने अपने चुनाव प्रचार की रणनीति बदलनी शुरू कर दी है। अब पार्टी अपने प्रचार को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने में जुट गई है।
पार्टी के सोशल मीडिया व आईटी विंग ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया। देहरादून मुख्यालय में डिजिटल स्टूडियो तैयार हो चुके हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने स्टूडियो से प्रेस कांफ्रेंस की। पार्टी के प्रदेश महामंत्री राजू भंडारी के मुताबिक, सभी 70 विधानसभा सीटों पर वर्चुअल रैली करने की तैयारी तकरीबन पूरी कर ली है। 20 जनवरी से वर्चुअल रैलियां शुरू हो सकती हैं। आवश्यकता पड़ने पर पार्टी कुमाऊं मंडल के लिए अलग से हल्द्वानी में एक डिजिटल स्टूडियो बना सकती है। लेकिन अभी देहरादून के स्टूडियो से ही वर्चुअल रैलियां होंगी।
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सोशल मीडिया की चुनावी जंग में आप ने उतारे रणबांकुरे
कोविड महामारी के बीच जनसभा और रैलियों पर लगी रोक के चलते आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया अभियान को कमर कस ली है। पार्टी का दावा है कि उन्होंने प्रदेशभर में 42 हजार व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। दिल्ली से 50 आईटी विशेषज्ञों की टीम उत्तराखंड भेजी है। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक, आप के पास सबसे ज्यादा समर्पित सोशल मीडिया वॉलंटियर्स हैं। हर विधानसभा सीट के लिए दस-दस सोशल मीडिया वॉलंटियर्स तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही 10 सोशल मीडिया एक्सपर्ट की टीम हैं, जो विपक्षी पार्टियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर बनाए हुए है। उत्तराखंड की हर विधानसभा में आप 500 से 700 वॉट्स एप ग्रुप बनाने का दावा कर रही है। इसमें हर ग्रुप में 100 से 150 लोग शामिल हैं। दावा है कि प्रदेश में 42,352 व्हाट्सएप ग्रुप हैं। इनमें 52,34,503 लोग जुड़े हैं।
डिजिटल भी डोर-टू-डोर प्रचार
पार्टी ने वर्चुअल कैंपेन की पूरी योजना तैयार कर ली है। इसमें फेसबुक लाइव, ऑनलाइन कॉन्क्लेव, डिजिटल डोर-टु-डोर, व्हाट्सएप कम्युनिकेशन, वर्चुअल रैली, वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पार्टी हर घर तक दस्तक देने की योजना बना चुकी है।
हमारी पार्टी सोशल मीडिया कैंपेन और डोर-टु-डोर प्रचार में एक्सपर्ट है। मुझे खुशी है कि आप पार्टी सोशल मीडिया को लोकतंत्र के सशक्त माध्यम के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, जो उत्तराखंड नवनिर्माण के लक्ष्य को पूरा करने में मददगार होगा।
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कर्नल अजय कोठियाल, सीएम उम्मीदवार, आप
प्रदेश में 18 नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक
विधानसभा चुनाव 2017 और लोकसभा चुनाव 2019 में लड़ने वाले उन 18 नेताओं के चुनाव लड़ने पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है, जिन्होंने निर्धारित अवधि में खर्च का ब्योरा जारी नहीं किया है। इन प्रतिबंधित प्रत्याशियों की सूची सभी रिटर्निंग अफसरों से लेकर जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों तक को उपलब्ध करा दी गई है।
21 जनवरी से प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नामांकन शुरू होने जा रहे हैं। नामांकन पत्र जमा करने के दौरान सभी रिटर्निंग अफसरों के पास प्रतिबंधित नेताओं की सूची होगी, जिससे मिलान करने के बाद ही नामांकन जमा होगा। चुनाव आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 10-क के तहत इन नेताओं पर कार्रवाई की है। सभी नेताओं के चुनाव क्षेत्र, नाम, पता, अयोग्य होने की तिथि और रोक की तिथि जारी की गई है। चुनाव आयोग का स्पष्ट तर्क है कि जो भी प्रत्याशी निर्धारित अवधि में अपने चुनाव खर्च का ब्योरा प्रमाण सहित उपलब्ध नहीं कराएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इन पर लगा प्रतिबंध
राजेंद्र सिंह (लोहाघाट) राजेंद्र सिंह बिष्ट (लालकुआं) सुहैल अहमद (भीमताल) विनोद कुमार शर्मा (हल्द्वानी) विजय (रामनगर) मोहम्मद अरशद (खानपुर), लाल सिंह (धारचूला) जितेंद्र कुमार (धारचूला) दिनेश कुमार (गंगोलीहाट) भुवन जोशी (सल्ट) जय प्रकाश उपाध्याय (टिहरी) मधु शाह (टिहरी) गौतम सिंह बिष्ट (टिहरी) विनोद प्रसाद नौटियाल (गढ़वाल) आनंदमणि दत्त जोशी (कर्णप्रयाग) रमेंद्र सिंह भंडारी (चौबट्टाखाल) सुंदर धोनी (अल्मोड़ा) बची सिंह (हरिद्वार)।