प्रदेश कांग्रेस गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा दसौनी ने भी आप के कार्यकारी अध्यक्ष भूपेश उपाध्याय से माफी मांगने की मांग की। कहा कि सारे दलों में अपना वजूद तलाशने के बाद मुश्किल से चार दिन पहले आप में शामिल हुए भूपेश उत्तराखंड और उत्तराखंड के गौरवशाली पुरुष और महिलाओं का इतिहास क्या जानें।
सोशल मीडिया पर भूपेश का ये बयान हो रहा वायरल
पहाड़ के आदमी की आज की तारीख में जो वेल्यू बनी हुई है, लोग कहते हैं कि मेरे घर के लिए नौकर भेज देना। लोग कहते हैं कि मेरे घर के लिए ड्राइवर भेज देना।
कांग्रेस-भाजपा के निक्कमेपन पर उठाया था सवाल : भूपेश
भूपेश उपाध्याय का कहना है कि मैंने उत्तराखंड की अस्मिता नहीं, बल्कि कांग्रेस व भाजपा के 20 सालों के निक्कमेपन के शासन पर सवाल उठाए थे। मेरी बात का गलत मतलब निकाल कर दोनों दल मुद्दा बना कर आप पार्टी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
भूपेश उपाध्याय ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने पिछले 21 सालों से इस प्रदेश के युवाओं से खिलवाड़ किया। देहरादून से पहाड़ों तक नौकरियां, पेट्रोल पंप, खनन पर नेताओं और उनके परिजनों व रिश्तेदारों का वर्चस्व है। उत्तराखंड के लिए शहादत देने वाले परिवारों, पहाड़ के गरीब मां-बाप के बच्चों को मजबूरन रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है। मैंने कहा था कि आम आदमी पार्टी उत्तराखंड को लेकर ऐसा मॉडल बनाना चाहती, जहां बच्चे डॉक्टर व इंजीनियर बनें, उनके जो सपने हों वो पूरे हों।
ऐसा सपनों का उत्तराखंड हम बनाना चाहते हैं। इन दोनों पार्टियों के पास न उत्तराखंड के लिए विजन है न रोजगार देने की योजना है। मैंने ऐसी कोई बात नहीं कही, जिससे उत्तराखंड अपमानित हुआ है। दोनों दलों ने 20 सालों तक उत्तराखंड में राज किया। उनके राज के निक्कमेपन और नकारापन पर सवाल उठाया था, जिसका खामियाजा उत्तराखंड के युवा भुगत रहे हैं।