प्रदेश सरकार ने प्रदेश में आई आपदा से बचाव व राहत कार्यों की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखी। प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे करने के बाद शाह ने जौलीग्रांट स्थित देहरादून एयरपोर्ट के गेस्ट हाउस में उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में आपदा की स्थिति और बचाव राहत कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देवभूमि की हर संभव सहायता करेगी। भविष्य में और बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर राज्य सरकार अपने सुझाव भेजे। आपदाग्रस्त व जलभराव वाले क्षेत्रों में मेडिकल टीमें भेजी जाएं। जिससे किसी तरह की बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को पूरी तरह ठीक की जाए। उन्होंने केंद्रीय व राज्य की एजेंसियों में बेहतर समन्वय को बनाए रखा जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बचाव व राहत कार्यों का प्रस्तुतीकरण देते हुए केंद्रीय मंत्री शाह को अवगत कराया कि भारी बारिश का अलर्ट मिलने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा की गई। राज्य व जिला स्तर पर रेस्पांस सिस्टम को सक्रिय किया गया। एहतियातन तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया। साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर किया गया। नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी गई और आवश्यक कदम उठाए गए। आईएमडी के अनुसार सामान्य रूप से 1.1 मिमि बारिश होती है। जबकि अभी 122.4 मिमि बारिश हुई। इन दो दिनों में सभी जगह रिकार्ड बारिश हुई है।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र से मिले सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेना, एनडीआरएफ, सीडब्ल्यूसी, बीआरओ के साथ मिलकर राज्य सरकार आपदा की तीव्रता को कम कर सकी। लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। चारधाम यात्रा फिर से शुरू की गई है।
बैठक में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रदेश के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धनसिंह रावत, मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव एसए मुुरुगेशन, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डीआईजी एसडीआरएफ रिद्धिम अग्रवाल मौजूद थे।