केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उत्तराखंड को सलाह दी है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए आने वाले समय में बड़ी सभाओं से बचा जाए और इन पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। उत्तराखंड में फरवरी 2022 में चुनाव होने हैं और राज्य में राजनीतिक सभाएं और बैठकों का सिलसला शुरू हो गया है।
बहरहाल, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखकर राज्यों को एडवाइजरी भेजी है। उत्तराखंड के मुख्य सचिव को भेजी गई एडवाइजरी में राज्य सरकार को सलाह दी गई है कि आने वाले समय में बड़ी सभाओं से बचने के लिए उपयुक्त उपाय किए जाएं।
यदि आवश्यक हो, तो स्थानीय प्रतिबंधों को लागू करने की दृष्टि से बड़ी सभाओं पर अंकुश लगाएं। सभी भीड़भाड़ वाली जगहों पर कोविड के प्रति उपयुक्त आचरण को सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने पांच गुना रणनीति पर फोकस करने की जरूरत जताई है।
कहा है कि सरकार टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और पालन के प्रभावी प्रबंधन पर जोर दे। कहा कि जिन क्षेत्रों में कोई वायरस नहीं है या कम है वहां सतत निगरानी तंत्र बनाया जाए। उन्होंने लोगों को कोविड गाइडलाइन के पालन के संबंध में जागरूक करने की भी सलाह दी है। उन्होंने इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने को कहा है।
हरिद्वार जिले के ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने के लिए एएनएम और आशा वर्कर घर-घर जाकर लोगों से जनसंपर्क करेंगी। वैक्सीन लगवाने का विरोध करने वालों को जागरूक करेंगी और वैक्सीन सेंटरों तक लाएंगी। जिलाधिकारी ने जिले में चार ब्लाकों के चिह्नित गांवों के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
जिले में लक्सर, भगवानपुर, रुड़की और नारसन के गांवों में वैक्सीनेशन की गति धीमी है। जिलाधिकारी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को चिह्नित गांवों में शत प्रतिशत टीकाकरण करवाने के निर्देश जारी किए हैं। चार दिनों का समय दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी गांवों में जागरूकता कैंप लगा रहे हैं। अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि कई ग्रामीण वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने एएनएम और आशा वर्कर को घर घर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं।