उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जंतर-मंतर से आवाज उठाई। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार उत्तराखंड के विकास में मदद नहीं कर रही है।
आरक्षण का मुद्दा भी उठाया
गुरुवार को उत्तराखंड के कांग्रेस विधायकों के अलावा अलग-अलग क्षेत्र से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचे। कांग्रेस ने अपनी सात मांगें भी केंद्र के सामने रखीं। जिसमें आरक्षण का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि यह प्रदर्शन नहीं था।
हम मोदी सरकार को याद दिलाने आए हैं कि लोकसभा चुनाव के दौरान जो वादा उन्होंने उत्तराखंड की जनता से किया था, उसे कब पूरा करेंगे। कहा कि छह माह बीत चुके हैं लेकिन केंद्र के वादों का देवभूमि के लोग इंतजार कर रहे हैं।
कहा कि सिर्फ कहने से कुछ नहीं होगा, सरकार को करके दिखाना होगा। प्रदर्शन में उत्तराखंड से कांग्रेस विधायक सुबोध उनियाल, मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत, हरीश धामी, कुंवर प्रणव चैंपियन, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, शैलारानी रावत, राजकुमार, सरिता आर्य, फुरकान अहमद, विजय सारस्वत आदि मौजूद रहे।
ये मांगें उठाई गईं
- उत्तराखंडवासियों को केंद्र की सेवाओं में आरक्षण की परिधि में शामिल किया जाए।
- गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से भेजे प्रस्ताव पर तुरंत कार्रवाई करें।
- पर्यावरण की रक्षा के लिए ग्रीन बोनस प्रस्ताव को भी केंद्र सरकार मंजूरी दे।
- आपदाग्रस्त क्षेत्रों में प्रभावितों को बसाने के लिए 4000 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराएं।
- स्वच्छ उत्तराखंड के प्रस्ताव को केंद्र सरकार तुरंत स्वीकृति प्रदान करे।