राज्यसभा के चुनाव को लेकर दुविधा फंसी प्रदेश सरकार की टेंशन प्रदेश कांग्रेस ने ही यह कहकर दूर कर दी कि वह चुनाव में चुनौती पेश नहीं करेगी।
सरकार की उलझन
निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा के लिए जो कार्यक्रम जारी किया है, उसके अनुसार, मतदान की तारीख 23 मार्च रखी गई है। मतदान वाली तारीख से एक दिन पहले सदन में बजट पेश होना है। 23 मार्च को इस पर चर्चा होगी। चुनाव की प्रक्रिया देहरादून विधानसभा में पूर्व निर्धारित है। स्थान को चुनाव आयोग के आदेश पर ही बदला जा सकता है।
चुनाव नहीं लड़ेगी कांग्रेस
लेकिन इस सारी उलझन को प्रदेश कांग्रेस ने यह कहकर सुलझा दिया है कि वह राज्यसभा के चुनाव में शिरकत नहीं करेगी। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं का यही तकाजा है कि कांग्रेस चुनाव में न जाए। पार्टी के पास संख्या बल नहीं है। इसलिए उसने तय किया है कि वह राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ेगी।
सारी टेंशन दूर
इस तरह कांग्रेस ने प्रदेश सरकार की सारी टेंशन दूर कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार, प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के चुनाव प्रक्रिया पांच मार्च से आंरभ होगी। नामांक की अंतिम तथि 12 मार्च है और 13 मार्च को ही नामांकन वापस लिए जा सकेंगे।
15 मार्च को ही हो जाएगा तय
कांग्रेस के वाकओवर दिए जाने के बाद अब कांग्रेस के कब्जे वाली राज्यसभा की सीट भाजपा को मिलना तय हो गया है। भाजपा के पास 58 विधायक हैं और दो निर्दलीय विधायकों का उसे सपोर्ट है। इस बात की प्रबल संभावना है कि चुनाव में सिर्फ भाजपा की ओर से ही नामांकन पत्र दाखिल हों। ऐसे हालात में नामांकन वापसी के दिन यानी 15 मार्च को ही चुनाव का नतीजा तय हो जाएगा और मतदान की नौबत नहीं आएगी। यह प्रक्रिया देहरादून विधानसभा में पूरी की जा सकेगी।