उत्तराखंड सरकार के सामने नया धर्मसंकट खड़ा हो गया है। इसकी वजह बना है राज्यसभा का चुनाव। भारत के निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की खाली सीटों के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। लेकिन चुनाव की जो तारीख तय की गई है, उस दिन उत्तराखंड सरकार को बजट पेश करना है। अब विधानसभा में या तो बजट पेश हो सकता है या राज्यसभा का चुनाव।
जिस दिन बजट पर चर्चा उसी दिन चुनाव
विधानसभा का बजट सत्र 20 मार्च से गैरसैंण में होना है। 22 मार्च को वित्त मंत्री प्रकाश पंत सदन में बजट पेश करेंगे। उसके अगले दिन 23 मार्च को बजट पर चर्चा होनी है। लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसी दिन राज्यसभा के चुनाव तय कर दिया है। इस चुनाव का पूर्व निर्धारित स्थल देहरादून विधानसभा है। चुनाव के लिए विधानसभा के संयुक्त सचिव मदन सिंह कुंजवाल और उप सचिव मदन राम को चुनाव अधिकारी भी नामित किया जा चुका है।
चुनाव गैरसैंण में होंगे या देहरादून में
23 मार्च को चुनाव तय होने से अब यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि राज्यसभा का चुनाव गैरसैंण होगा या देहरादून में। दरअसल, विधानसभा सचिवालय ने पूर्व निर्धारित स्थल के अनुसार चुनाव संबंधी तैयारियां की हैं। प्रश्न यह है कि क्या 23 मार्च को बजट सत्र को छोड़कर सभी विधायक राज्यसभा के चुनाव में मतदान करने के लिए देहरादून विधानसभा में पहुंचेंगे?
बजट की तारीख टलेगी या चुनाव की
इस दुविधा से पार पाने के लिए जो विकल्प हैं, उनमें से प्रमुख यह है कि चुनाव आयोग चुनाव की तारीख और स्थान में परिवर्तन करे। यानी राज्यसभा का चुनाव गैरसैंण में कराया जाए। 23 मार्च को चूंकि बजट पेश होना है, इसलिए राज्यसभा की सीट के लिए चुनाव 25 मार्च को हो सकता है। उस दिन अवकाश भी है।
निर्वाचन आयोग से होगी बात
सचिव विधानसभा जगदीश चंद के मुताबिक, राज्यसभा के चुनाव का स्थल पहले से ही निर्धारित है। चुनाव देहरादून विधानसभा में होना है। अभी विधानसभा को चुनाव कार्यक्रम प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन यदि चुनाव वास्तव में 23 मार्च को होंगे, तो तब यह दुविधा जरूर उत्पन्न होगी कि इन्हें कहां कराया जाना है। इस संबंध निर्वाचन आयोग से तारीख व स्थान में संशोधन करने का आग्रह किया जाएगा। बजट सत्र के दौरान बजट पेश करने के दिवस को स्थगित कर आगे बढ़ाए जाने का भी विकल्प है।