प्रदेश के करीब पौने दो लाख पूर्व सैनिकों की अब कांग्रेस को याद आई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब पूर्व सैनिकों से बात करने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बलबीर सिंह रावत के मुताबिक दिल्ली में पूर्व सैनिकों का सम्मेलन होगा जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे।
प्रदेश में पूर्व सैनिकों का खासा वोट बैंक है। ऐसे में 2014 के चुनाव नजदीक आने के साथ ही इस वोट बैंक को कब्जे में लेने की कोशिश भी शुरू हो गई है। अभी तक उपेक्षित पड़े पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ को अब कांग्रेस हाईकमान ने याद किया है।
दूसरी ओर खुद पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी टिकटों में अनदेखी से आलाकमान से खुश नही है। खुद पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बलबीर सिंह रावत का कहना है कि पूर्व सैनिकों को विधानसभा चुनाव में कोई भागीदारी नहीं दी गई। पूर्व सैनिकों में से किसी को राज्यमंत्री तक का दर्जा नहीं दिया गया।
पूर्व सैनिकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है
बृहस्पतिवार को कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में बलबीर रावत ने यह स्वीकार भी किया। रावत ने कहा कि पूर्व सैनिकों का मनोबल इससे प्रभावित हो रहा है। फिर भी पार्टी से बंधे होने के कारण पूर्व सैनिक 2014 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
सितंबर माह से सम्मेलनों का सिलसिला शुरू होगा। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सम्मेलन किए जाएंगे। इससे पहले प्रकोष्ठ जिलेवार सम्मेलन आयोजित करेगा। प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव दिगंबर प्रसाद बलूनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।