आपदाग्रस्त उत्तराखंड के पुनर्निर्माण को केंद्रीय मंत्रियों की कमेटी ने केंद्र सरकार से 6,687 करोड़ रुपये दिलाने पर सहमति दे दी है।
इस पर अब उत्तराखंड के लिए गठित पीएम की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी की मुहर बाकी है। हालांकि, विस्थापन के लिए चिह्नित गांवों के पुनर्बसावट के आठ हजार करोड़ के प्रस्ताव पर कोई चर्चा नहीं हुई।
पुनर्निर्माण के प्रस्तावों पर विचार हुआ
दिल्ली में शुक्रवार को मंत्रियों की कमेटी (इंटर मिनिस्टीरियल ग्रुप) की बैठक में उत्तराखंड की ओर से पुनर्निर्माण के भेजे गए प्रस्तावों पर विचार विमर्श हुआ। राज्य की ओर से मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने बताया गया कि प्लानिंग कमीशन को सरकार ने करीब 14 हजार करोड़ के नुकसान का आकलन पेश किया है।
इसमें आठ हजार करोड़ 333 गांवों के विस्थापन और पुनर्बसावट के लिए है। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के लगभग हर जिले में इस बार अतिवृष्टि और केदारघाटी में आए जल प्रलय से भारी नुकसान हुआ है। राज्य की सैकड़ों गांव अब भी संपर्क मार्गों से कटे हैं।
सैकड़ों सड़कें, पेयजल लाइन, बिजली लाइन अब तक क्षतिग्रस्त हैं। उत्तराखंड को फिर से खड़ा करने के लिए उसके पुनर्निर्माण की जरूरत है। कमेटी ने सभी मदों पर विचार करने के बाद 6,687 करोड़ के प्रस्ताव पर सहमति दे दी।
इन मदों में मिलेगी राशि
मद--------------राशि (करोड़ में)
एडीबी-विश्व बैंक - 3000
एनडीआरएफ - 1187
केंद्र सहायतित योजना - 1000
अतिरिक्त केंद्रीय सहायता - 1500
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