कांग्रेस महानगर अध्यक्ष की घोषणा उत्तराखंड के दिग्गज कांग्रेसियों का सिरदर्द हो गया है। कई दावेदारों के चलते प्रदेश नेतृत्व महीनों से इस पर निर्णय टाले हुए है।
इस बीच मुख्यमंत्री हरीश रावत के नजदीकी राजीव जैन का नाम इस पद के लिए तेजी से उभरा है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी इस नाम पर मौन सहमति दे चुके हैं। लेकिन बवाल की आशंका के चलते घोषणा के लिए सही मौका तलाशा जा रहा है।
हाईकमान पर टाली जा रही बात
सूत्रों के मुताबिक नाम लगभग तय भले ही हो चुका हो, लेकिन प्रदेश नेतृत्व घोषणा से बच रहा है। अध्यक्षी के सवाल पर बात राष्ट्रीय हाईकमान पर टाली जा रही है। कहा जा रहा है कि घोषणा वहीं से की जाएगी। इसके पीछे वजह यह बताई जा रही है कि विवाद होने पर प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व खुद पर आंच नहीं आने देना चाहता। कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि अध्यक्षी पर अभी विचार मंथन चल रहा है।
चार के बीच घमासान
महानगर अध्यक्ष के लिए चार नामों के बीच घमासान है। सूत्र बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का गुट पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा की सिफारिश जोर-शोर से कर रहा है। महानगर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीप वोरा युवा कार्यकर्ताओं के दम पर दावा पेश कर रहे हैं।
उन्हें पार्टी के उन नेताओं का समर्थन मिल रहा है, जो कैंट सीट से विधानसभा पहुंचना चाहते हैं। कैंट में पंजाबी वोट अधिक हैं और पंजाबी दीप वोरा का समर्थन फायदा दे सकता है। विधायक हीरा सिंह बिष्ट के समर्थक प्रदीप जोशी को आगे कर रहे हैं। वहीं, राजीव जैन भी मैदान में हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से भी उनके बेहतर संबंध हैं।