बुवाई के समय किसानों को बिजली न मिलने का खामियाजा अब ऊर्जा निगम को भुगतना होगा। उत्तराखंड सरकार इस मामले में कानून बनाने जा रही है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित किसान कांग्रेस की कार्यकारिणी की पहली बैठक में इस योजना का खुलासा भी किया। मुख्यमंत्री ने बिजली का सरचार्ज माफ करने और गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान करने के लिए योजना बनाने का संकेत दिया। चुनावी मोड में आए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पर्वतीय खेती को पुनर्जीवित करने का रोड मैप भी सामने रखा।
किसान कांग्रेस के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में इस समय करीब 22 घंटे बिजली दी जा रही है। अब प्रदेश सरकार स्पष्ट कानून बनाने जा रही है। इस कानून के तहत बुवाई के दौरान किसानों को अगर बिजली नहीं मिलती तो इसकी भरपाई ऊर्जा निगम को करनी होगी।
व्यवस्था यह की जा रही है कि किसानों को नुकसान का मुआवजा भी ऊर्जा निगम ही भुगते। ऊर्जा निगम ही यह मुआवजा किसानों को देगा। ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल आदि के किसानों की मांग पर मुख्यमंत्री ने बिजली बकाया, सरचार्ज और सरचार्ज पर ब्याज माफ करने के लिए योजना बनाने का आश्वासन दिया।