फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरीश रावत ने पीएम मोदी से की मुलाकात, पुनर्वास को मांगी वन भूमि

Wed, 27 Jul 2016 08:36 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
harish rawat meet with pm modi
विज्ञापन
उत्तराखंड में बीते दिनों भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से हुई व्यापक क्षति को देखते हुए 500 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता देने और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील 370 गांवों के सुरक्षित क्षेत्रों में पुनर्वास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने इन गांवों के पुनर्वास के लिए वन भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा रावत ने प्रधानमंत्री को चार धाम यात्रा पर आने के लिए भी आमंत्रित किया। इस पर मोदी ने बरसात के बाद चार धाम की यात्रा पर आने और क्षेत्रों का दौरा करने की बात कही।

मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के इस सीजन में प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बारिश का मौसम बीतने तक यह नुकसान 1500 करोड़ तक हो सकता है। सीमित संसाधनों कारण क्षति की यह राशि राज्य की क्षमता से बाहर है।
विज्ञापन


उन्होंने क्षतिग्रस्त योजनाओं के पुनर्निर्माण व संवेदनशील क्षेत्रों में सामान्य स्थिति लाने में केंद्र सरकार का सहयोग मांगा है। साथ ही केंद्र से 500 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता दिए जाने का आग्रह किया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के 370 गांव लैंड स्लाइड जोन में होने के चलते आपदा की दृष्टि से संवेदनशील हैं।

इन गांवों का सुरक्षित क्षेत्रों में पुनर्वास करने के लिए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता राशि की आवश्यकता है। सुरक्षित क्षेत्रों में पुनर्वास के लिए बड़ी तादाद में भूमि की आवश्यकता है। उत्तराखंड का 70 फीसदी क्षेत्र वनाच्छादित है। ऐसे में गांवों के विस्थापन के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि संवेदनशील गांवों के विस्थापन के लिए वन भूमि उपलब्ध करवा दी जाए। इसकी क्षतिपूर्ति के लिए विस्थापित किए जाने वाले गांवों की भूमि वन विभाग को हस्तांतरित की जा सकती है। इस कार्य के लिए भारत सरकार एक समिति का गठन करे, जिसमें आपदा प्रबंधन, भारत सरकार के मंत्रालय और राज्य सरकार के विभागीय अधिकारी शामिल रहें। यह समिति संवेदनशील गांवों के पुनर्वास की समूची प्रक्रिया को अपनी निगरानी में संपन्न कराए।
Trending Videos
विज्ञापन

चारधाम के कार्यों की प्रगति देखेंगे पीएम मोदी

Prime Minister Narendra Modi - फोटो : ani
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा पर आने का वादा किया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत के न्यौते को उन्होंने स्वीकार कर लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के सुदृढ़ीकरण के संदर्भ में स्थिति देखने बरसात के बाद आएंगे। यहां वह चारधाम क्षेत्रों का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री का चारधाम दौरा सितबंर-अक्तूबर में होने की संभावना है।

चारधाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में प्रधानमंत्री मोदी की विशेष दिलचस्पी है। इस परियोजना के कार्यों के संबंध में वह खुद मॉनीटरिंग करते हैं। अधिकारियों के साथ वीडियो कॉंफ्रेंसिंग में वह इस परियोजना की जानकारी लेते हैं। यह परियोजना जल्दी पूरी हो सके, इसके लिए प्रधानमंत्री ने फरवरी में शासन के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए थे। यह कार्य जल्दी से पूरा हो सके, इसके लिए प्रदेश शासन से भूमि हस्तांतरण के मामले का जल्दी से निस्तारण करने के उन्होंने निर्देश दिए थे।

प्रधानमंत्री के चारधाम आने का न्यौता स्वीकारने के बाद अधिकारियों में तेजी आ गई है। यह व्यवस्था की जा रही है कि भूमि हस्तांतरण के मामले जल्दी से निस्तारित हो जाएं, जिससे प्रधानमंत्री के आने के पहले काम शुरू हो जाए। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया है कि चारधामों को जोड़ने वाली ‘आल वेदर रोड’ का शिलान्यास करने के लिए प्रधानमंत्री को न्यौता दिया है। यह सड़क बारिश और बर्फबारी के दौरान भी खुली रहेगी। मानसून के बाद इस योजना पर काम शुरू होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें