एक साल पुरानी बस्ती भी अब नियमित होगी। ऐसी बस्ती को न तो नगर निगम तोड़ेगा और न ही प्रशासन। इन सभी बस्तियों को भी विकास के दायरे में लाया जाएगा।
घंटाघर चौक पर स्थित सरदार बल्लभ भाई पटेल पार्क के लोकार्पण अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। उधर, बस्तियों के नियमितीकरण के लिए गठित की गई समिति ने भी साठ फीसदी कार्य पूरा कर लिया है।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा को मेयर विनोद चमोली की रैली का जवाब भी माना जा रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि एक साल पुरानी बस्ती को अब हटाया नहीं जाएगा। पार्क के लिए उन्होंने विधायक राजकुमार को बधाई दी।
संसदीय सचिव व क्षेत्रीय विधायक राजकुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडर ग्राउंड करने का कार्य चल रहा है।
लेकिन शहर के मुख्य चौराहों एवं मुख्य मार्ग, मसलन सहारनपुर चौक से प्रिंस चौक, प्रिंस चौक से हरिद्वार रोड होते हुए आराघर चौक तक, प्रिंस चौक से घंटाघर, घंटाघर से दिलाराम चौक, बहल चौक, पलटन चौक नैनी बैकरी में भी लाइनों को अंडर ग्राउंड किया जाना चाहिए।
विधायक ने बताया कि राज्य की मलिन बस्तियों के नियमितीकरण के लिए गठित की गई समिति ने साठ फीसदी कार्य पूरा कर लिया है। इस कार्य की पूरी रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री को सौंप दी जाएगी।
इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार, एमडीडीए उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बंशीधर तिवारी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष नीनू सहगल, कुलदीप कोहली, पार्षद डा. बिजेंद्र पाल सिंह आदि मौजूद रहे।
होर्डिंग देख मेयर हुए खफा
पार्क के लोकार्पण कार्यक्रम में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने बतौर मेयर विनोद चमोली को भी आमंत्रित किया था। लेकिन, कार्यक्रम स्थल पर जो होर्डिंग लगे थे, उसमें कांग्रेस का चुनाव चिन्ह ‘हाथ’ था। यह देखकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मेयर खफा हो गए। मुख्यमंत्री से आने से पहले ही वो लौट गए।
मेयर ने आरोप लगया कि सरकार ने मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण का कांग्रेसीकरण कर लिया है। पूरी एमडीडीए में कांग्रेसियों के कब्जा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्क का लोकार्पण कोई पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। ऐसे में कार्यक्रम में लगे होर्डिंग पर चुनाव चिन्ह नहीं लगाए जाने चाहिए।
खास है पार्क
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित सरकार बल्लभ भाई पटेल पार्क 83. 75 लाख रुपये की लागत से बना है। कई सालों से इसका निर्माण किया जा रहा था।
पार्क की विशेषता है कि इसमें विभिन्न प्रकार की घास के साथ ही फूल लगाए गए हैं। साथ ही दीवार कलाकृति से सजाई गई है। वहीं आधुनिक फुव्वारे शाम को घंटाघर चौक का आकृषित करेंगे।