मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा व नयार नदी के संगम स्थल और व्यास जी की तपोस्थली के पावन तट पर आयोजित तीन दिवसीय नायर उत्सव के माध्यम क्षेत्र में पर्यटन सम्बंधित बुनियादी सुविधाओं का विकास और विस्तार होगा। कहा कि क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं । इन संभावनाओं को मूर्त रूप दिए जाने के लिए यह उत्सव मील का पत्थर साबित होगा।