कहा, पूर्व की सरकारों में भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही धांधली की शिकायतें को दूर कर हमने व्यापक बदलाव किया है। पहले की सरकारों में नौकरी के लिए विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्तिपत्र देने तक बहुत लंबा समय लग जाता था। इस देरी का फायदा उठाकर रिश्वतखोरों की ओर से जमकर रिश्वत का खेल होता था।
कहा, पूर्व की सरकारों की ओर से भर्ती प्रक्रियाओं पर लगाए गए कलंक को मिटाने के लिए ही हमने राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। वन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा, राज्य का 71 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र के अधीन है। प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा का कार्य वन आरक्षियों का रहता है।
उन्होंने वन आरक्षियों को फ्रंट लाइन वर्कर बताते हुए कहा कि जंगल को बचाने और मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने एवं वनाग्नि को रोकने का भी उनका दायित्व रहेगा। प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा, नियुक्तिपत्र वितरण जैसे समारोह पहले आयोजित नहीं होते थे। ऐसे अवसर युवाओं में आत्मविश्वास जगाने के साथ उन्हें कार्यक्षेत्र की चुनौतियों का सामना करने में मददगार होते है। इस मौके पर वन प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव तकनीकी शिक्षा रविनाथ रमन भी मौजूद रहे।