उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के बाद 10 मार्च को मतगणना से पूर्व राजनीतिक दलों के नेताओं की दिल्ली दौड़ एक बार फिर शुरू हो गई है। जहां भाजपा के कई वरिष्ठ नेता एक फेरा दिल्ली का लगा आए हैं, वहीं कांग्रेस के कुछ दिग्गज दिल्ली में मौजूद हैं तो कुछ जाने की तैयारी में हैं। प्रदेश नेताओं की दिल्ली दौड़ को आगामी विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद बनने वाली स्थितियों पर पहले से होमवर्क के तौर पर देखा जा रहा है।
सर्वविदित है कि प्रदेश की राजनीति में चाहे वह भाजपा हो या कांग्रेस पार्टी हाईकमान के आदेश के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता है। ऐसे में पार्टियां चुनाव परिणामों से पहले हर स्थिति की भावी रणनीति बना लेना चाहती हैं। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली दौड़ इसी का एक हिस्सा थी। वहीं अब कांग्रेस के नेता दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं।
गणेश गोदियाल ने कहा कि सामान्य तौर पर जा रहे दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पिछले दो दिनों से दिल्ली में हैं तो नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह भी दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। दोनों नेताओं की दिल्ली सक्रियता को लेकर तमाम तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। क्योंकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर दोनों ही नेताओं को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रबल दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।
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सात मार्च को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी दिल्ली रवाना हो जाएंगे। हालांकि पूछने पर तीनों दिग्गजों ने इसे सामान्य दौरा बताया। उन्होंने कहा कि ठीक है चुनाव परिणामों से पहले पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं से बातचीत होगी, लेकिन इसका यह मलतब नहीं है कि कोई विशेष रणनीति बनाई जा रही है। पूछने पर गणेश गोदियाल ने कहा कि वह सामान्य तौर पर दिल्ली जा रहे हैं। हाईकमान से बुलाया आया है या कोई बैठक जैसी कोई बात नहीं है।
अब तो जो होगा, चुनाव परिणाम के बाद ही होगा : प्रीतम
अपने दिल्ली दौरे पर नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि हम चुनाव से पहले और अब बाद में दिल्ली आते-जाते रहे हैं। इसमें कुछ खास नहीं है। रिजल्ट आने से पहले किस तरह की लॉबिंग होगी। अब तो जो कुछ होगा चुनाव परिणाम आने के बाद ही होगा।
प्रीतम ने कहा कि कांग्रेस ने एकजुट होकर मजबूती के साथ चुनाव लड़ा। जबकि भाजपा से स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि चुनाव परिणामों से पहले ही सिर फुटव्वल की स्थिति बन रही है। कहीं से भितरघात की बात सामने आ रही है तो कहीं से आपसी मनमुटाव की बात सामने आ रही है। इससे स्पष्ट है कि चुनाव के परिणाम क्या आने वाले हैं। भाजपा बैलेट पेपर वोटों में गड़बड़ी कर चुनाव जितना चाहती है, लेकिन हमने इस पर निर्वाचन आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करा दी है। इसमें तमाम तरह की गड़बड़ स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
भाजपा का खरीद-फरोख्त का इतिहास
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि खरीद-फरोख्त के मामले में भाजपा का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। उत्तराखंड के साथ तमाम राज्यों में भाजपा पहले ऐसा कर चुकी है। गोदियाल ने कहा कि मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही है कि भाजपा पुन: ऐसा कर सकती है, इसलिए कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर सकती है। लेकिन यह सत्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बार ऐसा दुस्साहस नहीं करेगी। हम इन सब बातों को लेकर पहले से सचेत हैं। उन्होंने कहा भाजपा ने अपनी ऐसा छवि बना ली है कि लोग ही उसे अब संदेह की नजरों से देखने लगे हैं।
टूटेगा 60 पार जाने की बात का घमंड
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा की ओर से 60 पार जाने का दावा किया गया था। लेकिन बहुत जल्दी उसका यह घमंड टूटने जा रहा है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी इस बात का भान हो गया है कि यूपी समेत उत्तराखंड में उसकी जमीन खिसक चुकी है। इसलिए उसके प्रदेश स्तरीय नेताओं को दिल्ली तलब किया जा रहा है। जबकि कांग्रेस पहले दिन से कह रही है कि वह पूर्ण बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाने जा रही है।