उत्तराखंड कैबिनेट ने नई होर्डिंग नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति में अधिकतर प्रावधान दून नगर निगम की होर्डिंग नीति से मिलते-जुलते हैं।
नई नीति के अनुसार अब चौराहों से 25 मीटर दूरी तक होर्डिंग नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही घरों की छत पर भी होर्डिंग नहीं लग सकेंगे। नीति में इस बात का भी ख्याल रखा गया है कि होर्डिंग की वजह से लोगों की जिंदगी खतरे में न पड़े।
नई नीति में अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त करने और होर्डिंग्स को कम स्थान देने पर प्राथमिकता दी गई है। होर्डिंग का आवंटन निविदा के आधार पर होगा। नीति में मुख्य ध्यान शहरों के सौंदर्यीकरण व राजस्व प्राप्ति पर है।
नीति के अनुसार छतों पर होर्डिंग नहीं लगेंगे। चौराहों से 25 मीटर दूर तक होर्डिंग नहीं लगाया जाएगा। आवंटन दो वर्ष के लिए होगा। नीति में शहर को अवैध होर्डिंग से छुटकारा दिलाने के लिए भी सख्त प्रावधान किया गया है।
मेयर विनोद चमोली ने कहा कि देहरादून नगर निगम की होर्डिंग नीति पर ही सरकार की मुहर लगी है। उन्होंने कहा कि जब निगम में होर्डिंग नीति लागू की गई उससे पूर्व निगम को होर्डिंग्स से सालाना 35 लाख रुपये राजस्व प्राप्त होता था।
होर्डिंग नीति लगने के बाद राजस्व पांच करोड़ रुपये पहुंच गया। इससे निगम की वित्तीय सेहत बेहतर हुई है। होर्डिंग्स की संख्या में कमी आई है और राजस्व बढ़ा है।