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उत्तराखंड कैबिनेट: महायोजना क्षेत्र में खेती की जमीन का भू परिवर्तन आसान, लाखों लोगों को होगा फायदा

Thu, 13 Aug 2020 11:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • मंत्रिमंडल जेडएलआर एक्ट में संशोधन का लाएगा अध्यादेश
  • लोगों को आवास, नए निवेश के लिए नहीं कराना होगा कृषि भूमि का भू उपयोग परिवर्तन
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड सरकार ने अपने घर की चाहत रखने वालों से लेकर अपना काम शुुरू करने वाले लाखों लोगों को राहत दी है। इन्हें अब शहरों, कस्बों में इस काम के लिए खेती की जमीन के भू उपयोग बदलवाने के लिए लंबी प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेेगा।

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बृहस्पतिवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई। दरअसल, 1950 में यह अधिनियम खेती की जमीन को बचाने के लिए लाया गया था।


इस अधिनियम की धारा 143 में खेती की जमीन को आवासीय, औद्योगिक आदि में बदलने के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया बताई गई है। इसे सामान्य रूप से ‘143 करना’ कहा जाता है। यह प्रक्रिया खासी लंबी और जटिल है। इस वजह से लोगों को खासी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है और निचले स्तर पर भ्रष्टाचार के मामले के पनपने की गुंजाइश भी रहती है। 
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इसी को देखते हुए अब मंत्रिमंडल ने धारा 143 को तो रहने दिया है, लेकिन इसके साथ ही 143 ख की नई उपधारा को अध्यादेश के रूप में लाने की मंजूरी दे दी है। इस उप धारा में अब महायोजना वाले क्षेत्रों में लोगों को भू उपयोग परिवर्तन या 143 नहीं कराना होगा। पूरे प्रदेश में ही प्रदेश सरकार जिला विकास प्राधिकरणों और अन्य विकास प्राधिकरणों के जरिये विकास महायोजनाओं को मंजूरी दे रही है। 

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जमींदारी विनाश अधिनियम में संशोधन नहीं था संभव

प्रदेश सरकार इस मामले को न्याय और वित्त के पास भी लेकर गई थी। न्याय का साफ कहना था कि अधिनियम में संशोधन किया गया तो इस अधिनियम की मूल भावना ही प्रभावित होगी।

होम स्टे, नए निवेश को मिलेगा आधार, खत्म होगा भ्रष्टाचार
वित्त विभाग ने भी इस पर अपनी सहमति दी है और कहा है कि इससे होम स्टे, नए निवेश आदि को बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्पीड़न के मामलों में भी कमी आएगी।

क्या है 143 की प्रक्रिया
143 की प्रक्रिया में हर खातेदार को राजस्व विभाग नोटिस जारी कर अनापत्ति लेता है। इसके बाद संबंधित कमेटी इसकी समीक्षा करती है और आपत्तियों को निपटाती है। आपत्तियों के निपटाने में ही खासा समय लग जाता है। इसी वजह से मुख्यमंत्री की सौर ऊर्जा योजना में भी सरकार ने भू उपयोग परिवर्तन में छूट दी गई थी।

लाखों लोगों को होगा फायदा
यह प्रदेश सरकार का महत्वपूर्ण फैसला है और इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। उन्हें अब प्राधिकरणों में निर्धारित शुल्क देना होगा और भू उपयोग में परिवर्तन हो जाएगा। इस पर वित्त और न्याय की राय आने के बाद फैसला किया गया है। 
-मदन कौशिक, शासकीय प्रवक्ता
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