प्रदेश की सहकारी समितियों में 33 हजार महिलाओं सहित करीब एक लाख 11 हजार निष्क्रिय सदस्यों को चुनाव में मत का अधिकार मिलेगा। मंत्रिमंडल की बैठक में इसके लिए राज्य सहकारी समिति निर्वाचन नियमावली में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
प्रदेश की सहकारी समितियों के चुनाव में सरकार ने महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की है, लेकिन कई सदस्यों ने पिछले तीन साल में किसी भी साल समिति से खाद, बीज या फिर किसी भी तरह का कोई लेनदेन नहीं किया।