सरकार ने राज्य मानवाधिकार आयोग के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत आयोग में 12 नए पद सृजित किए जाएंगे। नए पदों के सृजन से आयोग में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। शिकायतों पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्यवाही हो सकेगी।
राज्य में मानवाधिकारों को संरक्षण मिलेगा। सरकार के इस फैसले का लंबे समय समय से इंतजार था, क्योंकि उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग का गठन वर्ष 2011 में हुआ था। तब से इसके संरचनात्मक ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
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गठन के समय आयोग में कुल 47 पद सृजित किए गए थे, लेकिन पिछले 11 सालों में बढ़ती आम लोगों की शिकायतें और जिम्मेदारियों के बावजूद आयोग के पदों में वृद्धि नहीं हुई थी। शिकायतों लगातार संख्या बढ़ने के कारण आयोग के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसलिए वर्तमान संरचनात्मक ढांचे को पुनर्गठित किए जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल ने अनुमोदन दिया।