सीएम पुष्कर सिंह धामी (फाइल फोटो)
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प्रदेश में भूजल के निकास एवं स्प्रिंग्स जल का गैर कृषि व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर सरकार अब शुल्क वसूलेगी। कैबिनेट ने राज्य में भू- जल के निकास एवं स्प्रिंग्स जल पर मूल्य की दरें तय कर दी हैं। दरें दिसंबर से लागू होंगी।
यह कृषि एवं कृषि संबंधित कार्याें और राजकीय पेयजल व्यवस्था को छोड़कर होगा। इसके पीछे भूजल विकास एवं प्रबंधन को विनियमित किए जाने और भूजल के अनियंत्रित दोहन को सीमित करने के लिए फैसला लिया गया है।
इससे अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति भी होगी। सिंचाई विभाग यह मूल्य प्रति किलो लीटर वसूल करेगा। सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता जयपाल सिंह का कहना है कि मूल्य की दर तय हो गई है, इस संंबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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| उपलब्धता का प्रकार |
प्रक्रिया औद्योगिक इकाइयां |
जहां जल रॉ मैटेरियल है |
व्यावसायिक उपयोग |
| भूजल सुरक्षित क्षेत्र |
11 |
54 |
32 |
| भूजल अर्ध गंभीर क्षेत्र |
17.60 |
108 |
52 |
| भूजल गंभीर क्षेत्र |
22 |
324 |
64 |
| भूजल अतिदोहित क्षेत्र |
44 |
648 |
128 |
| स्प्रिंग्स जल |
11 |
54 |
32 |