समिति तय करेगी पार्किंग स्थल और टैरिफ
सभी शहरों में पार्किंग स्थल के चयन और वहां वसूले जाने वाले टैरिफ के लिए संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में पुलिस अधीक्षक या उनका नामित सदस्य, नगर नियोजन विभाग का प्रतिनिधि, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, स्थानीय निकाय से मुख्य नगर अधिकारी या अधिशासी अधिकारी, यातायात निरीक्षक, अग्निशमन अधिकारी शामिल होंगे।
300 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे वाहन, मिलेगी राहत
पर्यटन सीजन में पार्किंग पर्याप्त न होने की वजह से मसूरी और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों पर लंबे जाम लग जाते हैं। लोग घंटों जाम से जूझने के बाद या तो लौट जाते हैं या किसी तरह आगे बढ़ पाते हैं। पार्किंग नीति आने के बाद इतनी पार्किंग हो जाएगी कि लोगों को अपने वाहन खड़े करने में परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में करीब 300 प्रतिशत की दर से वाहन बढ़ रहे हैं। राज्य गठन के समय तीन लाख 63 हजार 916 वाहन थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर करीब 28 लाख 80 हजार 520 पहुंच गई है। इसमें निजी वाहनों की संख्या ही करीब 26 लाख से अधिक है।