इन फैसलों से मिलेगी नई दिशा
सामूहिक बीमा योजना : कर्मचारी सामूहिक बीमा एवं बचत योजना के तहत जहां प्रीमियम बढ़ा दिया गया है, तो वहीं बीमा कवर भी 20 लाख रुपये तक कर दिया है। ग्रेड-पे के हिसाब से जिन कर्मचारियों से प्रीमियम 100 रुपये लिया जाता था, उनसे 350 रुपये लिया जाएगा। उन्हें एक के बजाए पांच लाख का बीमा कवर मिलेगा। 200 रुपये प्रीमियम को बढ़ाकर 700 रुपये किया गया है, जिन्हें बीमा कवर दो लाख के बजाए 10 लाख मिलेगा। 400 रुपये प्रीमियम को बढ़ाकर 1400 रुपये प्रतिमाह किया गया है। ऐसे कर्मचारियों को चार लाख के बजाए 20 लाख का बीमा कवर मिलेगा।
पदोन्नति में शिथिलीकरण : प्रदेश में पहली बार पदोन्नति में शिथिलीकरण 2010 में बनी थी। बाद में 2015 व 2021 में दोबारा लाई गई थी। इसकी अवधि पिछले साल समाप्त हो गई थी। कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाने की मांग कर रहे थे। 30 जून 2024 तक यह नियमावली दोबारा लागू कर दी गई है।
मृतक आश्रितों की भर्ती : परिवहन निगम में 2017 में मृतक आश्रित भर्ती के 195 पदों को खराब वित्तीय स्थिति की वजह से फ्रीज कर दिया गया था। इस वजह से जहां मृतक आश्रितों के पदों की वेटिंग बढ़ रही थी, तो वहीं निगम में रिक्त पद भी उपलब्ध हैं। इन पदों को अनफ्रीज कर दिया गया है। मृतक आश्रितों की भर्ती हो सकेगी।
मंदिर समितियों में भर्ती : बदरीनाथ व केदारनाथ मंदिर समिति में भर्ती व वेतन का काम समिति के स्तर से होता है, लेकिन यहां भर्ती के लिए आज तक कोई नियमावली नहीं थी। अब मंदिर समितियों में कार्मिकों व धार्मिक व्यक्तियों के लिए अलग-अलग सेवा नियमावली पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।
नए थाने-चौकियों में 327 पद सृजित : सरकार ने राजस्व पुलिस से हटाकर जो क्षेत्र रेगुलर पुलिस के हवाले किए थे, उनके लिए छह थाने और 21 चौकियां बनाईं थीं। इनमें तात्कालिक तौर पर अन्य थानों से फोर्स भेजी गई थी। अब इनके लिए सब इंस्पेक्टर से लेकर कांस्टेबल तक के 327 नए पद सृजित करने की अनुमति कैबिनेट ने दे दी है। पुलिस की कांस्टेबल, दरोगा व अन्य भर्तियों में ये पद भी शामिल होंगे।
निर्माण पर रोक : ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन में 11 रेलवे स्टेशन ऋषिकेश, शिवपुरी, व्यासी, सिराला, चिलगढ़ मल्ला, मलेथा, श्रीनगर, धारीदेवी, तिलणी, घोलतीर, गौचर बनने हैं। कैबिनेट ने इनके 400 मीटर दायरे में सभी तरह के निर्माण पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। यहां का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। उसी हिसाब से निर्माण होंगे। ताकि टाउनशिप बेहतर बन सकें।
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उद्योगों के नक्शे की पुरानी व्यवस्था : राज्य में सभी उद्योगों के भवनों के नक्शे राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (सीडा) से पास कराने की पुरानी व्यवस्था दोबारा लागू कर दी गई है। पूर्व में सरकार ने इस पर रोक लगाकर जिलों के विकास प्राधिकरणों को ये जिम्मेदारी सौंप दी थी।