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Uttarakhand Cabinet: आंदोलनकारियों के आरक्षण का प्रस्ताव न आने पर सीएम नाराज, दूसरी बैठक में लाने के निर्देश

Thu, 02 Mar 2023 09:28 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

बैठक में सरकार के मंत्रियों ने राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब रिपोर्ट सौंप दी गई है तो प्रस्ताव बैठक में क्यों नहीं आया।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में न लाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली बैठक में प्रस्ताव लाया जाए।

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राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से आरक्षण पर सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। पूर्व में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह प्रस्ताव आया था, जिस पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई थी। उपसमिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। लेकिन रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल की दो बैठकें निपट जाने के बाद भी अब तक प्रस्ताव चर्चा के लिए नहीं लाया गया है।

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सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सरकार के मंत्रियों ने राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब रिपोर्ट सौंप दी गई है तो प्रस्ताव बैठक में क्यों नहीं आया। मुख्यमंत्री ने भी प्रस्ताव न आने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैबिनेट की अगली बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण का प्रस्ताव लाया जाए। बता दें कि राज्य आंदोलनकारी भी कैबिनेट की बैठक पर नजर लगाए हुए थे। प्रस्ताव न आने पर उन्हें भी निराशा हुई है।

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कैबिनेट बैठक से 48 घंटे पहले मंत्रियों को मिलेगा एजेंडा
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार के मंत्रियों ने समय पर कैबिनेट का एजेंडा न मिलने का मसला उठाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि सभी मंत्रियों को बैठक से 48 घंटे पहले एजेंडा मिल जाना चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों ने एजेंडा देरी से मिलने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि इससे उन्हें बैठक में लाए जाने विषयों की जानकारी विलंब से मिलती है। इसका असर कैबिनेट में लिए जाने वाले फैसलों पर पड़ता है।

उत्तर प्रदेश सचिवालय अनुदेश 1982 के नियम 11(2) के अनुसार, मंत्रिमंडल की बैठक से दो दिन पूर्व मंत्रियों को एजेंडा प्राप्त हो जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, अब मंत्रिपरिषद अनुभाग की ओर से सभी विभागों के प्रशासनिक सचिवों को समय पर कैबिनेट नोट भेजने के निर्देश जारी होंगे। कई विभाग कैबिनेट बैठक से ऐन पहले अपने प्रस्ताव मंत्रिपरिषद विभाग को भेजते हैं।
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