राजस्व में भी होगी बढ़ोतरी
निदेशक खनन एसएल पेट्रिक ने बताया, इस बजट से शुरुआती चरण में चार बड़े जनपदों देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल को कवर किया जाएगा। इन्हीं चारों जिलों में सबसे अधिक खनन होता है। इसके तहत 40 इलेक्ट्रॉनिक गेट लगाए जाएंगे। इनमें कुछ गेट ऐसे भी होंगे, जहां पर दो-दो गेट लगाए जाने हैं।
इन गेट पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरा (एएनपीआर), साधारण कैमरे और रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) की व्यवस्था होगी। इससे पता चल जाएगा कि किस वाहन में कौनसी खनन सामग्री भरी हुई है। इसके साथ ही वाहन का रवन्ना है या नहीं इसकी भी स्वत: ही जांच हो जाएगी।
पेट्रिक ने बताया, इस तरह से अवैध खनन पर रोक लगाने के साथ-साथ राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया, शुरुआती फेज में गेट और इसके बाद पूरी तरह जीपीएस आधारित सर्विलांस सिस्टम को लागू किया जाना है।
दो साल पहले उत्तर प्रदेश में हुई थी व्यवस्था
दो साल पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने उत्तर प्रदेश में जीपीएस आधारित खनन सर्विलांस सिस्टम को लागू किया था। इसके तहत वहां पर खनन पट्टों की उपग्रह से निगरानी की जाती है। इसके साथ ही वहां पर इलेक्ट्रॉनिक गेट सिस्टम भी लागू है। निदेशक खनन ने बताया कि उत्तराखंड में भी उत्तर प्रदेश की तरह ही भविष्य में पूरी तरह फुल प्रूफ व्यवस्था लागू की जाएगी। ताकि, यहां पर अवैध खनन पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand : यूपी से कठोर होगा उत्तराखंड का संपत्ति क्षति वसूली कानून, विधानसभा में कल किया जाएगा पेश