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उत्तराखंड बजट सत्र 2020: सीएम त्रिवेंद्र ने पेश किया 53526 करोड़ का बजट, ये हुए प्रावधान

Wed, 04 Mar 2020 11:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गैरसैंण( भराड़ीसैंण )

सार

  • सदन में हंगामे के आसार, कांग्रेस लाएगी कार्य स्थगन प्रस्ताव
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बजट पेश करने जाते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड बजट सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में आज सदन में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बतौर वित्त मंत्री अपना पहला बजट पेश किया। बजट में सरकार ने 53526  करोड़ के बजट की व्यवस्था की है।

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उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का वर्ष 2020-21 का बजट नवीन आकांक्षाओं एवं आशाओं के साथ-साथ प्रदेश के निर्बल वर्ग की आवश्यकताओं को पूरा करने के ध्येय से बनाया गया बजट है। इसमें समाज के सभी वर्गों- किसान, मातृशक्ति ,युवाओं एवं उद्योग क्षेत्रों की सभी जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है।

विकास की बुनियाद मजबूत की,बेरोजगारी पर किया प्रहार
53 हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में विकास की बुनियाद को मजबूत करने और रोजगार को बढ़ाने का इरादा जताया। लोगों की आकांक्षाओं को स्वीकार करते हुए खुश रहे किसान आबाद रहे गांव, युवाओं को मिले काम, सस्ता इलाज को बजट का आधार बताया। 
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बजट में सरकार ने बेहतर रोड कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी है। 2020-21 में सड़कों और पुलों की मर मत के लिए 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं। पिछले बजट में कुल 180 करोड़ का प्रावधान था। सीमा के 150 से अधिक जनसंया वाले गांवों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के लिए सरकार ने 70 करोड़ रखे हैं। मार्च 2020 तक 67 गांवों को ग्रामीण मोटरमार्गों से जोड़ा जाएगा।

बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए लोक निर्माण  विभाग के लिए 2055 करोड़ का बजट रखा है। सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1072 करोड़ की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को भी सरकार ने तवज्जो दी है। सरकार रोजगार के मुद्दे पर भी संभली है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड युवा आयोग के गठन की घोषणा की। सहायक अध्यापक एलटी संवर्ग और प्रवक्ता संवर्ग में 3063 पदों 2020-21 में तैनाती की जाएगी। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विभाग में 1224 नई भर्ती होंगी। इसके साथ ही नया हुनर सीखने वालों के लिए एक नई योजना मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना शुरू करने का एलान बजट में किया गया।

इससे पहले आज की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के मामले पर राज्य सरकार को घेरा। वेल में पहुंचकर हंगामा किया।फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के मामले को नियम-58 में सुनने के आश्वासन पर विपक्षी विधायक माने। 

मीडिया से बात करते हुए भावुक, हुए सीएम, आंखें हुई नम 
गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के बारे में मैंने न किसी को बताया न चर्चा की सीधे इसकी घोषणा कर दी। यह कहना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनभावना से जुड़ा इससे बड़ा कोई मसला नहीं है। उन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाकर इसे राज्य आंदोलनकारियों और प्रदेश की माताओं व बहनों को समर्पित किया है। इस दौरान सीएम बहुत भावुक दिखे उनकी आंखें भी नम हो गई।  मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह गर्व का पल है। यह एक बहुत बड़ा फैसला है। इस फैसले को लेकर पहले मैं रात भर सो नहीं पाए। काफी सोच विचार कर यह फैसला किया है। 

हर वर्ग के विकास को बजट में शामिल किया

इस समय प्रदेश सरकार कई चुनौतियों का सामना कर रही है। सरकार की कोशिश इस बजट के जरिए इन चुनौतियों से पार पाने का रास्ता निकालने की भी है। त्रिवेंद्र सरकार ने इस बजट में राजस्व बढ़ाने के लिए रोडमैप भी सामने रखा है। जैविक खेती और किसानों की आय दोगुनी करने के वायदे को सरकार भी इस बजट के जरिये आगे बढाया गया है। 

पर्यटन में सरकार को केंद्र से खासी मदद मिलती रही है। इस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए एडवेंचर टूरिज्म विभाग खोलने की तैयारी में है। इससे जुड़ी नई योजनाएं त्रिवेंद्र सिंह रावत के बजट में हैं। दूसरी तरफ सरकार के इस बजट का विरोध विपक्ष करेगा। ऐसे में सदन में बजट पेश करने के दौरान ट्रेजरी बैंच को विपक्ष के अक्रामक रुख का सामना करना पड़ सकता है। 

भराड़ीसैंण में हो रहा बजट सत्र ऐतिहासिक है। सरकार का आम बजट विकास के रूप में सामने आया है। युवाओं, महिलाओं, किसानों और कर्मचारियों के साथ हर वर्ग के विकास को बजट में शामिल किया है। इसके माध्यम से सरकार की पिछले तीन वर्षों में लाई योजनाओं को और गति दी गई है।। साथ ही आने वाले दो सालों में नई योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बजट में खास व्यवस्था है।
-मदन कौशिक, संसदीय कार्य मंत्री

प्रदेश सरकार का अभी तक कोई भी बजट प्रभावी नहीं रहा है। सरकार की वित्तीय स्थिति भी ठीक नहीं है। सरकार उधार लेकर अपना पुराना कर्ज चुकता कर रही है। बजट में कुछ भी खास नहीं है।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष

विधेयक जो अधिनियम बनें

- वर्ष 2019-20 का बजट
- माल एवं सेवा कर संशोधन अधिनियम
- उत्तराखंड शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण अधिनियम
- उत्तराखंड मंत्री वेतन, वेतन, भत्ता 2019 अधिनियम
- उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद संशोधन अधिनियम
- उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम
- उत्तराखंड भूतपूर्व मुख्यमंत्री आवासीय एवं अन्य सुविधाएं
- उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम
- उत्तराखंड जैविक कृषि अधिनियम
- उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन अधिनियम
- कृषि उत्पाद मंडी संशोधन अधिनियम
- फल पौधशाला अधिनियम

सदन में पेश हुए ये विधेयक
- संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम 1910 संशोधन विधेयक
- यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रुड़की विधेयक
- उत्तराखंड-उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 संशोधन अधिनियम (संशोधन विधेयक)
- उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1959 संशोधन अधिनियम (संशोधन विधेयक)
- उत्तराखंड साक्षी संरक्षण विधेयक
- उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन विधेयक
- उच्च शिक्षा परिषद अधिनियम, 1995 संशोधन विधेयक
- उत्तराखंड उपकर संशोधन विधेयक
- ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक

किस मद के लिए कितना बजट यहां पढ़ें...

राजस्व प्राप्तियां- 42439.33 करोड़ रुपये
कर्मचारियों के वेतन, भत्तों पर खर्च: 14673.96 करोड़
योजनाओं के लिए बजट:  11137.30 करोड़
घाटे को पूरा किया 460 करोड़ रुपये,पब्लिक अकाउंट से लेकर राजस्व घाटा पूरा किया।

रिवर्स पलायन: 18 करोड़ रुपये
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन: 76 करोड़
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: 53 करेड़
गन्ना भुगतान: 240 करोड़
पैक्स कम्प्यूटराइजेशन: 10 करोड़
पशुपालन: 414.35 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना: 20 करोड़ रुपये

बुनियादी ढांचा
मुजफ्फरनगर रुड़की रेल मार्ग: 70 करोड़
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: 1072 करोड़
सौंग पेयजल बांध परियोजना: 130 करोड़
नाबार्ड के सहयोग से पेयजल की 22 नई योजनाओं के लिए 190 करोड़

स्मार्ट सिटी: 123 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी: 95 करोड़
शहरी विकास एडीबी योजना: 103 करेड़
राज्य वित्त आयोग से शहरी निकायों के लिए:774.24 करोड़
जिला योजना के तहत 665 करोड़

स्वास्थ्य
हैल्थ एवं वेलनेस सेंटर: 380.50 करोड़
मेडिकल कालेज हल्द्वानी एवं संबद्ध अस्पताल: 110 करोड़
दून मेडिकल कालेज: 96.79 करोड़

समाज कल्याण
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण:48.60 करोड़
नंदा गौरा योजना: 80 करोड़
बाल पोषण योजना:25 करोड़

विद्यालयी शिक्षा:7867.99 करोड़
एअरोस्पेसे व रक्षा उद्योग: 50 करोड़
एमएसएमई सहायता योजना: 35 करोड़
वनों को आग से बचाने के लिए: 19.92 करोड़
जायका: 110 करोड़

होम स्टे: 11.50 करोड़
पर्यटन विकास बाह्य सहायता: 119 करोड़

सड़क सुरक्षा कोष: 06 करोड़
लोक निर्माण विभाग को सड़क सुरक्षा के लिए: 7 करोड़

जौलीग्रांट विस्तार: 295 करोड़
खेल एवं युवा कल्याण: 239.94
राष्ट्रीय खेल: 90 करोड़
विश्व बैँक की नई योजना: 315 करोड़
2019-20 में जीडीपी की रैंकिंग में उत्तराखंड को दूसरा स्थान
-केदारनाथ में 32 लाख श्रद्धालु आए

बजट में हुए ये प्रावधान:

-जमरानी बांध के अंतर्गत आ रहे लोगों के पुनर्वास के लिए 220 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-हर घर नल से जल के लिए 134 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
-हरिपुरा और तुमड़िया जलाशय के लिए पावर प्रोजेक्ट पर 20-21 में काम शुरू हो जाएगा।
-जंगली जानवरों द्वारा किए गए नुकसान प्राकृतिक आपदा की सूची में शामिल।
-गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित।
-मंडुवा, उड़द, गहत, मसूर, आदि के लिए लिए कृषि उत्पादन सर्वेक्षण योजना
-कौशल विकास के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाएगा।
-युवाओं को हुनर विशेष सिखाने लिए मुख्यमंत्री शिक्षुता योजना के तहत निश्चित राशि दी जाएगी।
-राज्य के 67 गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य।
-2021 में 3063 शिक्षा विभाग में नियुक्तियां की जाएगी।
-बाल विकास में 1224 कर्मियों की भर्ती की जाएगी।
-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 76 करोड़ की धनराशि का प्रावधान
-निवेशक सम्मेलन में 22 हजार करोड़ की पूंजी निवेश से 57314 रोजगार के अवसर मिलेंगे।
-विदेशों में बसे लोगों को निवेश से जोड़ने के लिए अलग से विभाग बनेगा।
-पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए 2174 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।
-रबी खरीफ के लिए 23 करोड़ा का प्रावधान किया गया है।
-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 53 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित
-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकनाइजेशन के तहत 500 फार्म मशीनरी बैंक, 800 कस्टम हायरिंग
सिस्टम स्थापित होंगे।
-किसानों के अवशेष गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 240 करोड़
की धनराशि की व्यवस्था।
-राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के लिए 100 करोड़ की धनराशि।
-दुग्ध सहकारिताओं के विकास के लिए 444.62 करोड़ का प्रावधान।
-सहकारी समिति में कंप्यूटराइजेशन के लिए 10 करोड़ का प्रावधान।
-दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान योजना के तहत 27 करोड़ का प्रावधान।
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ये भी हैं शामिल

- हल्द्वानी-अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ के लिए हेली सेवा शुरू की जाएगी।
-दिव्यांग, वृद्धावस्था, विधवा पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये प्रतिमाह करा दी गई है।
-स्कूलों में 3 लाख से अधिक छात्रों को फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा।
-सबके लिए स्वास्थ्य : शीघ्र ही 314 डाक्टरों के पदों को भरने के लिए चिकित्सक चयन आयोग
बना लिया जाएगा।
-जायका परियोजना (वन पंचायतों के वन आवरण में वृद्धि, वनों के निक टवर्ती गांववालों की
-आजीविका में सुधार तथा वनों पर निर्भरता कम करने के लिए 110 करोड़ का प्रावधान।
-ईको टूरिज्म नीति जल्द लागू होगी।
-वीरचंद्र गढ़वाली योजना के लिए 17.50 करोड़ प्रावधान।
-पशुपालन विभाग के लिए 414.35 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-नरेगा के लिए 266.70 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
-सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से डेढ़ सौ से अधिक जनसंख्या वाले सीमावर्ती गांवों में सड़क पहुंचाई जाएगी।
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