कहते हैं कि मेहनत हमेशा रंग लाती है। सिद्घार्थ ने भी दिन-रात मेहनत कर सफलता की एक नयी इबारत लिखी। उसने न केवल अपनी पढ़ाई की बल्कि अपने पिता का काम में हाथ भी बंटाया।
एक गरीब मजदूर के बेटे सिद्धार्थ ने पिता के घर के खर्च के बोझ को भी सिर पर उठाने के लिए रात में फैक्ट्री में मजदूरी की तो दिन में पढ़ाई कर स्कूल टॉप कर सबको अपनी प्रतिभा का कायल कर दिया।
मोलना निवासी सिद्धार्थ कुमार ने राष्ट्रीय इंटर कॉलेज भलस्वागाज में कक्षा दस में प्रवेश लिया था, सिद्धार्थ कुमार ने हाईस्कूल में पढ़ने के लिए प्रवेश तो ले लिया था, लेकिन उसके सामने घर की आर्थिक समस्या थीं।
सिद्धार्थ ने स्कूल में पढ़ने के साथ ही मजदूर पिता सुक्रमपाल का बोझ कंधों पर लेने के लिए एक फैक्ट्री में रात के काम किया। दिन में स्कूल में जाकर पढ़ता और घर में कुछ समय निकालकर कड़ी मेहनत से तैयारी करता था।
अब उसने कड़ी मेहनत के बल पर स्कूल प्रबंधन एवं छात्र-छात्राओं को स्कूल टॉप कर चौकानें का काम किया है। हाईस्कूल परीक्षा में 416 अंक यानि 83.02 प्रतिशत अंक लाने वाले सिद्धार्थ पर स्कूल के प्रबंधक सुरेंद्र सिंह एवं प्रधानाचार्य कुंवर पाल सिंह नाज कर रहे हैं।