बुलंदशहर निवासी सीमा अग्रवाल पुत्री उमा शंकर अग्रवाल और माता शीला अग्रवाल को हाईस्कूल की वर्ष 2017 बोर्ड परीक्षा अनुक्रमांक 17003142 की मार्कशीट दी गई थी। सीमा के परिजन महात्मा गांधी इंटर कॉलेज पहुंचे मगर सच्चाई सामने आने पर लौट गए क्योंकि विद्यालय में हाईस्कूल तक छात्राओं का प्रवेश ही नहीं होता है। उधर, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में उत्तराखंड बोर्ड की फर्जी मार्कशीट तैयार होने का मामला उजागर होने के बाद भी बोर्ड कार्यालय रामनगर में इसे लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई दी।
हाईस्कूल की फर्जी मार्कशीट बनाने में युवकों द्वारा बुलंदशहर के खुर्जा तहसील के गांव बगराई निवासी देवेंद्र नामक व्यक्ति का नाम भी लिया गया था। उनका आरोप था कि बिना परीक्षा दिए ही हाईस्कूल की मार्कशीट बनवाने के एवज में 13 हजार रुपये लिए गए थे लेकिन ओरिजनल मार्कशीट हल्द्वानी के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज से ही मिलने की बात कही थी।
व्हाट्सएप पर दिखा रहे थे मार्कशीट
महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एलडी पांडे ने बताया कि मनीष अपने मोबाइल फोन के व्हाट्सएप पर हाईस्कूल की मार्कशीट दिखा रहा था। मार्कशीट फर्जी होने की बात सामने आने पर युवक ने सत्यापन कर देने को कहा। इस पर प्रधानाचार्य ने व्हाट्सएप की मार्कशीट की छाया प्रति लगाकर प्रार्थना पत्र मांगा तो वह कुछ देर में आने की बात कहकर गायब हो गया।
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में फर्जी मार्कशीट तैयार करने वाला गिरोह काफी शातिर है। जांच पड़ताल में यह सामने आया कि गिरोह द्वारा युवाओं को जो भी फर्जी मार्कशीट दी गई, वे सभी एक जैसी हैं। यानी मार्कशीट की छाया प्रति के पीछे का हिस्सा कोरा है।
शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट के सामने के हिस्से पर परीक्षार्थी का नाम, अंक, विद्यालय आदि का नाम छपा होता है जबकि मार्कशीट के पीछे के हिस्से में दिशा निर्देश के साथ छपे होते हैं। क्रास लिस्ट से विषयों के अंक चेक कर उसपर सत्यापन करने वाले के हस्ताक्षर के साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर और मुहर लगी होती है, जो फर्जी मार्कशीटों में नहीं है।
फर्जी मार्कशीट का मामला काफी गंभीर है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की सचिव नीता तिवारी को शनिवार को ही इस प्रकरण में तत्काल वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश गए हैं। इस मामले में बोर्ड को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रकरण में की गई कार्रवाई से निदेशालय को तत्काल अवगत कराया जाए।
- आरके कुंवर, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, उत्तराखंड
जो फर्जी मार्कशीट प्रकाश में आई है, वह उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर प्रदर्शित नहीं हो रही है। पूरे प्रकरण की जांच पड़ताल की जा रही है, जो दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. नीता तिवारी, सचिव, उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद