रानीखेत (अल्मोड़ा) के सल्ट के विधायक सुरेंद्र जीना के आकस्मिक निधन से उनके पैतृक गांव नैटी सिमलधार (ताड़ीखेत ब्लॉक) में भी लोग शोक संतप्त हैं। ग्रामीणों ने कहा कि 22 दिन पहले विधायक जीना गांव आए थे। गुरुवार सुबह अचानक निधन की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीण बोले की प्रदेश ने एक होनहार नेता खो दिया।
नैटी गांव में वर्तमान में 34 परिवार निवास करते हैं। जीना ने कक्षा तीन तक राजकीय प्राथमिक विद्यालय सिमलधार में पढ़ाई की। इसके बाद वह पिता स्व. प्रताप सिंह जीना के साथ दिल्ली चले गए। उनके पिता दिल्ली में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर थे। वर्षों पूर्व उनका परिवार दिल्ली चला गया।
स्व. विधायक के चचेरे भाई गोविंद सिंह जीना ने बताया कि वह एक मिलनसार प्रवृति के व्यक्ति थे। वह गांव आते रहते थे। अभी कुछ दिन पूर्व ही वह अल्मोड़ा बैठक में जा रहे थे तो गांव भी आए थे। सभी ग्रामीणों की उन्होंने कुशलक्षेम पूछी।
गांव में स्व. जीना का पैतृक मकान है जिसकी देखरेख गांव की खिमुली देवी करती हैं। चाचा चंदन सिंह जीना, बहादुर सिंह जीना, लक्ष्मण सिंह जीना, चंदन जीना, खीम सिंह जीना, नवीन आर्या सहित सभी ग्रामीणों की आंखें नम थीं। क्षेत्र पंचायत सदस्य गणेश राम, सुरेंद्र सिंह, बालम सिंह, त्रिलोचन सहित तमाम लोगों ने नैटी जाकर उनके परिजनों को सांत्वना दी।