लोकसभा की जीत के बाद लगातार हुई हार पर अब न तो भाजपा आंसू बहाएगी और न एक-दूसरे को कोसेगी। ऐसा ही फरमान राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से प्रदेश भाजपा को मिला है। रुद्रपुर में होने वाली तीन दिवसीय कार्यसमिति की बैठक का फोकस रचनात्मक और आंदोलनात्मक पहलुओं के इर्द-गिर्द होगा।
बैठक में पेश होने वाला राजनीतिक प्रस्ताव एक बार फिर आपदा की बदइंतजामी पर केंद्रित होगा। वहीं सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा जमीनी आंदोलन छेड़ने की रणनीति बनाएगी।
शनिवार से रामपुर-दिल्ली हाईवे के होटल में होने वाली बैठक में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से महामंत्री संगठन रामलाल मौजूद होंगे। प्रदेश प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह व्यस्त होने की वजह से बैठक में नहीं पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा कुछ इस तरह से रखी गई है कि जो बड़े नेता जो अलग-थलग दिखते थे एक साथ रहें ताकि गुटबाजी का मैसेज न जाए।