दोनों केंद्रीय नेताओं ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चा की। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने पार्टी स्तर पर तैयार किए गए पैनल में से किसी एक नाम पर भी अपनी राय दी।
इसी तरह केंद्रीय नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, हरक सिंह रावत, डॉ. धनसिंह रावत समेत पूर्व मुख्यमंत्रियों से भी रायशुमारी की। कोर ग्रुप के जो नेता राजधानी में मौजूद नहीं थे, उनसे टेलीफोन पर चर्चा की गई।
केंद्र को सौंपेंगे रिपोर्ट
रायशुमारी के बाद दोनों केंद्रीय नेता राष्ट्रीय संगठन को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय नेतृत्व फैसला लेगा और उसके बाद केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में नए अध्यक्ष के सर्वसम्मति से निर्वाचन की घोषणा कर दी जाएगी।
कुमाऊं का पलड़ा भारी
कोर ग्रुप के नेताओं से रायशुमारी के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जातीय व क्षेत्रीय समीकरण के हिसाब से कुमाऊं का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
विधायकों में वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत और नवीन चंद दुम्का, युवाओं में पुष्कर सिंह धामी और सुरेंद्र सिंह जीना के नाम चर्चाओं में तैर रहे हैं। आरएसएस और संगठन के खांटी नेताओं में कैलाश पंत सबसे आगे हैं, जबकि केदार जोशी, सुरेश जोशी और बलराज पासी, राजू भंडारी को भी दौड़ में माना जा रहा है। गढ़वाल से मजबूत नाम केवल डॉ. धनसिंह रावत का ही सामने आया है।
केंद्रीय नेताओं ने नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कोर ग्रुप के सभी सदस्यों से रायशुमारी की है। मुझसे भी पूछा गया है। मैंने अपनी राय दे दी है।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद भाजपा