इन स्मार्ट राशन कार्डों पर दस अंकों का क्यूआर कोड होगा। इस कोड के आधार पर सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं का डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा। वहीं, उपभोक्ताओं को भी यह सुविधा रहेगी कि वह स्मार्ट कार्ड से किसी भी सस्ते गल्ले की दुकान से प्रति माह मिलने वाला राशन ले सकता है।
वर्तमान राशन कार्ड पर यह सुविधा नहीं है। ऐसे में विभाग को यह पता नहीं लग सकेगा कि पात्र कार्ड धारक ने सस्ता राशन लिया है या नहीं। बता दें कि प्रदेश के 9200 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के माध्यम से 23 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को प्रत्येक महीने सस्ता राशन दिया जाता है।
स्मार्ट राशन कार्ड बनाने के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर तीन कंपनियों को काम सौंपा गया है। नए साल से प्रदेश में स्मार्ट बनाने का काम शुरू हो जाएगा। स्मार्ट कार्ड से राशन वितरण में पारदर्शिता आएगी और पात्र कार्ड धारक किसी भी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन ले सकता है।
- सुशील कुमार, सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग