कंट्रोल रूम के हर पन्ने के आंकड़ों में झोल
हिमस्खलन की घटना में कितने लोग हताहत हुए, कितने लापता हैं, कितने किस स्थिति में हैं। इन बातों के सही जवाब न तो उत्तरकाशी जिला प्रशासन और न ही राज्य आपातकालीन कंट्रोल रूम दे पा रहा है। वहीं, पौड़ी की बस दुर्घटना में बुधवार शाम सवा सात बजे अपर जिलाधिकारी गढ़वाल इला गिरी ने 32 लोगों के मारे जाने की सूचना दी। राज्य कंट्रोल रूम की ओर से साढ़े आठ बजे के आसपास जो सूचना प्रेषित की गई, उसमें मृतकों की संख्या 19 बताई गई। इस तरह से मीडिया को भी सही जानकारी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे लोगों की बीच भ्रम की स्थिति बन रही है।
विपदा की घड़ी में भी मुश्किल से उठता है कंट्रोल रूम का फोन
आपदा की स्थिति में हर कोई सूचनाओं के लिए सबसे पहले कंट्रोल रूम में ही फोन करता है। ऐसे में कई बार कंट्रोल रूम का फोन ही नहीं उठता है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि कंट्रोल रूम में यूं तो बहुत सारे विभागों के नोडल कर्मचारियों-अधिकारियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन यह लोग यहां काम क्या करते हैं, यह आज तक समझ नहीं आया।
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निम ही बता पाएगा, कितने लोग हताहत हुए
हिमस्खलन की घटना में कितने लोग हताहत हुए, पूछने पर आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने कहा कि यह जानकारी निम प्रशासन ही दे पाएगा। अभी रेस्क्यू अभियान चल रहा है। संभव है कि बृहस्पतिवार तक निम की ओर से इस संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी जाए।