विधानसभा सत्र में उत्तराखंड सरकार का बजट पास कर दिया। यह बजट विपक्ष की अनुपस्थिति में पास किया गया। जिसके बाद विधानसभा का सत्र कल यानी शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधानसभा सत्र के पहले दिन दोपहर करीब दो बजे विपक्ष ने हंगामे के बाद वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा भाजपा पहले ही सोच कर आई थी कि सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।
सदन के मुद्दे को लेकर भाजपा ने राज्यपाल डॉ. केके पॉल से मिलने का वक्त मांगा। शाम साढ़े पांच बजे नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के प्रतिनिधित्व में भाजपा विधायक राज्यपाल से मिलेंगे।
इससे पहले सदन में विपक्ष का हंगाजा जारी रहा। हंगामा बढ़ता देख दोपहर एक बजे सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। डेढ़ बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। लेकिन भाजपा का हंगामा जारी रहा।
उधर सदन में विपक्ष द्वारा विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ पेश की गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल ने अपनी कुर्सी संभाल ली। इसके बाद विपक्ष ने हंगामे के बाद वॉकआउट कर दिया।
जैसा कि संभावना जताई गई थी, विधानसभा सत्र शुरु होते ही विपक्ष ने सदन में हंगामा शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि मार्शलों को मोर्चा संभालना पड़ा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही शांतिपूवर्क चलने देने का अनुरोध किया। हरीश रावत ने कहा कि सदन को नियमावली से चलाने के लिए विपक्ष सहयोग करे। सीएम रावत ने कहा कि विपक्ष सिर्फ हंगामा कर रहा है।
विधानसभा सत्र में विपक्ष द्वारा स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। लगातार हंगामे के चलते स्पीकर अपनी कुर्सी छोड़कर चले गए थे। कांग्रेस विधायक नवप्रभात स्पीकर की कुर्सी पर बैठे थे। वहीं इस दौरान विपक्षी विधायकों द्वारा पर्चे फेंकने का सिलसिला जारी रहा।
गुरुवार को सुबह 11 बजे जैसे ही विधानसभा सत्र की शुरूआत हुई भाजपा विधायकों ने अविश्वास प्रस्ताव के लेकर हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा विधायकों ने पर्चे फाड़ दिए और वेल में पहुंच गए। मामला गरमाता देख मार्शलों को मोर्चा संभालना पड़ा।
सत्र से पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधानमंडल दल की बैठक ली। विधानसभा भवन में अपनी मांगों को लेकर भाजपा के विधायक यतीश्वरानंद, गणेज जोशी, संजय गुप्ता और पुष्कर सिंह धामी सहित कई विधायक धरने पर बैठ गए थे।