विधानसभा सत्र की तीन दिन की अवधि के विरोध में कांग्रेस ने गांधी पार्क में प्रदर्शन किया। डमी विधानसभा के जरिये कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया और कहा कि साल भर में 60 दिन के विधानसभा सत्र की बजाय कुछ दिन का सत्र आयोजित कर सरकार विपक्ष से बचने की कोशिश में है।
गांधी पार्क के गेट पर किए गए प्रदर्शन में बनाई गई डमी विधानसभा में कांग्रेस ने लोगों के सामने वह सबकुछ रखा जो सदन में होता है। इसके तहत सदन की कार्यवाही हंगामेदार रही, विपक्ष ने कहा कि जनहित के मुद्दे उठाए जाएं, सत्ता पक्ष ने साफ इनकार किया।
विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका जयेन्द्र रमोला, मुख्यमंत्री की भूमिका राकेश नेगी, मदन कौशिक की भूमिका अनिल भास्कर, नेता प्रतिपक्ष की भूमिका गरिमा दसौनी ने निभाई। जोत सिंह बिष्ट गोविंद सिंह कुंजवाल बने और संग्राम सिह पुंडीर ने हरीश धामी का किरदार निभाया। गणेश गोदियाल भी सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा करते दिखाई दिए।
सत्र के दौरान विपक्ष के विधायक कई बार वैल में घुस आए, जिन्हें जबरन सदन से बाहर खदेड़ा गया। नेता प्रतिपक्ष बनी गरिमा दसौनी ने कहा कि 2017 में तीन सत्र मात्र 17 दिन के, 2018 में तीन सत्र मात्र 18 दिन के, 2019 में तीन सत्र मात्र 22 दिन केे और 2020 में तीन सत्र मात्र 06 दिन के हो पाए हैं।
पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने कहा कि बेरोजगारी, कोरोना संकट, लचर स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था, भ्रष्टाचार, जिला प्राधिकरण इत्यादि से तो पूरा प्रदेश जूझ रहा है, लेकिन कुछ विधानसभाओें की अपनी क्षेत्रीय समस्याएं भी हैं। जनता जनप्रतिनिधि का चुनाव करते वक्त यह अपेक्षा करती है कि वह अपनी विधानसभा की दिक्कतें सत्र के दौरान मुखर होकर विधानसभा के भीतर उठाएं। ऐसे में मात्र तीन दिनों का सत्र जनता के साथ धोखा है।