हरिद्वार से वर्ष 1996 में समाजवादी पार्टी से विधायक चुने गए और वर्तमान में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंबरीश कुमार के निधन पर विधानसभा में श्रद्धांजलि दी गई। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने उन्हें एक कुशल और ज्ञानी नेता करार दिया।
संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि अंबरीश कुमार एक सुलझे हुए नेता थे। हरिद्वार में जब भी विकास की बात होगी तो हमेशा उनका नाम लिया जाता रहेगा। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अंबरीश कुमार का व्यक्तित्व उनकी नॉलेज से साफ झलकता था। उनकी विनम्रता और मुद्दों पर अपनी पकड़ हमेशा ही उन्हें आगे की जमात में खड़ा करती थी।
उनका जाना कभी न भरने वाला जख्म है। मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि अंबरीश कुमार ज्ञानी, जानकारी वाले व्यक्तित्व के मालिक थे। उनका जाना बड़ा नुकसान है। मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत तकलीफ हुई। वह चलते-फिरते एनसाइक्लोपीडिया थे। वहीं, विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि अंबरीश कुमार मेरे राजनीतिक क्षेत्र के घनिष्ठतम मित्र थे। उनसे बहुत सी बातें सीखने को मिली। उन्होंने कहा कि उनके नाम से हरिद्वार में कोई पुस्तकालय या शोध केंद्र स्थापित किया जाना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि अंबरीश कुमार के बिना हरिद्वार के विकास पर बात करना बेमानी है। उन्होंने कहा कि वह एक कुशल नेता थे जो कि मुद्दों को समझकर आगे बढ़ते थे। पूरे सदन ने पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उसूलों के पक्के थे पूर्व शिक्षा मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी
विधानसभा सत्र के दौरान सोमवार को उत्तराखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री नरेंद्र सिंह भंडारी को भी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने नेता को अपने अंदाज में याद किया। सत्र के दौरान संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने कहा कि नरेंद्र सिंह भंडारी की अलग पहचान रही है। एनडी तिवारी सरकार में उन्होंने एक बेहतरीन शिक्षा मंत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई थी। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि नरेंद्र सिंह भंडारी हमेशा उसूलों के पक्के रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए भी किसी के लिए अपने नियम नहीं तोड़े, जो कि एक नेता को स्थापित करने वाली बात है। कई और नेताओं ने वरिष्ठ नेता नरेंद्र भंडारी को अपने अंदाज में श्रद्धांजलि दी।
यूपी की राजनीति में धमक रखने वाले नेता श्रीचंद को दी श्रद्धांजलि
विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन खटीमा के पूर्व विधायक एवं अविभाजित उत्तर प्रदेश में वन एवं कानून मंत्री रहे श्रीचंद को श्रद्धांजलि दी गई। संसदीय कार्यमंत्री बंशीधर भगत ने श्रीचंद को याद किया। उन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन जैसा धमकदार नेता राजनैतिक इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। वहीं, नेता प्रतिपक्ष ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई और नेताओं ने श्रीचंद को याद किया और बताया कि किस तरह से वह अविभाजित उत्तर प्रदेश सरकार में अपने काम के लिए जाने जाते थे।