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उत्तराखंड: विपक्ष ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा, विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Wed, 30 Mar 2022 03:54 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून

सार

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन बुधवार को सदन की कार्यवाही चल रही है। विपक्ष सदन के बाहर प्रदर्शन कर रहा है। आज सरकार की ओर से पेश लेखानुदान पारित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है। 
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विधानसभा सत्र के बाहर प्रदर्शन करते कांग्रेसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन आज सरकार की ओर से पेश लेखानुदान पारित किया जाएगा। मंगलवार को विपक्ष की तीखे तेवरों के चलते सदन स्थगित करना पड़ा था। आज सरकार पूरी तैयारी के साथ पहुंची है। वहीं विपक्ष भी सदन में महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दों पर सरकार को घेर रही है। सदन की शुरुआत सबसे पहले पूर्व विधायक हरबंस कपूर और गोपाल ओझा को श्रद्धांजलि देकर होगी। इसके बाद सरकार की ओर से दो अध्यादेश भी विधेयक के रूप में पेश किए जा सकते हैं। इससे पूर्व मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई थी।

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अभिभाषण में महंगाई को रोकने को लेकर कोई जिक्र
यशपाल आर्य विधायक ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में महंगाई को रोकने को लेकर कोई जिक्र ही नहीं है। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। ममता राकेश ने कहा कि महंगाई की वजह से लोग परेशान हैं। बिजली की दरों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। विधायक फुरकान और विक्रम सिंह नेगी ने भी महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। विधायक आदेश चौहान ने कहा कि इस सरकार ने अपने और अपने उद्योगपति दोस्तों के बारे में ही सोचा है। लोगों को उम्मीद थी कि डबल इंजन की सरकार से राहत मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

हमें अच्छे दिन नहीं चाहिए, हमारे पुराने दिन ही लौटा दो
विधायक हरीश धामी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि हर घर को रोजी रोटी और काम देंगे। न रोजी रोटी मिली और न ही रोजगार मिला। बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने कहा कि महंगाई ने उत्तराखंड और देश में कीर्तिमान बनाए। डीजल से किसानों की कमर टूट गई है। हमें अच्छे दिन नहीं चाहिए, हमारे पुराने दिन ही लौटा दो। चुनाव आते हैं तो हर चीज आ जाती है। गैस सस्ती हो जाती है। डीजल-पेट्रोल कम हो जाता है। चुनाव जाते ही दोबारा शुरू हो जाता है। सरकार ने कोविड में बेरोजगारों को रोजगार का झूठा वादा किया। 
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आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपये से ज्यादा
हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत सदन में महंगाई के विरोध में कागज का बनाया हुआ सिलेंडर लेकर आईं। विपक्ष ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण में महंगाई के मुद्दे पर कोई बात ही नहीं की गई है। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपये से ज्यादा हो गया है। राज्य सरकार कोई ठोस कदम उठाए। ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने कहा कि मैं जब देहरादून आ रहा था तो पेट्रोल पंप पर तेल डलवाया लेकिन मैं गाड़ी से बाहर नहीं निकला। ड्राइवर ने पूछा कि बाहर क्यों नहीं आए। मैंने कहा कि मुझे डर लगता है। रवि बहादुर का बोला गया एक शब्द असंसदीय मानते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही से हटाया।

चुनाव के बाद तत्काल महंगाई शुरू हो जाती
प्रीतम सिंह ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने कहा था कि डबल इंजन की सरकार आएगी तो महंगाई पर अंकुश लगेगा। लेकिन पिछले सात दिन से पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पेट्रोल ने सेंचुरी मार दी है। पेट्रोल 100 पार, डीजल 90 पार, गैस सिलेंडर 400 से बढ़कर 1000 पार। दूरस्थ इलाकों में गैस सिलेंडर 1500 रुपये में पहुंच रहा है। सरकार ने एक हाथ से देने का काम किया और दूसरे हाथ से लेने का। थोक डीजल में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। बड़े उद्योगों में ऐसा होगा तो जनता पर ही इसका असर आएगा। 2014 की कांग्रेस सरकार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 132 डॉलर तक जा रहा था तो सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दामों पर नियंत्रण रखा। इस सरकार ने 13 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का काम किया है। जब चुनाव होता है तो महंगाई काबू होती है और चुनाव के बाद तत्काल महंगाई शुरू हो जाती है।

गेंहू का समर्थन मूल्य को लेकर सवाल-जवाब
वरिष्ठ विधायक यशपाल आर्य और आदेश चौहान ने कहा कि गेंहू का समर्थन मूल्य तय नहीं। किसानों को बारदाना नहीं दिया गया। फसल तैयार है। पर धान का भुगतान अभी तक नहीं हुआ। जब किसान को सब्सिडी का समय से भुगतान नहीं होता तो उनका ब्याज माफ होना चाहिए। सरकार ने धान खरीदा लेकिन उसे रखने का इंतजाम नहीं किया। धान का बकाया तत्काल भुगतान हो। भंडारण का नुकसान भी सरकार वहन करे। गेंहू की व्यवस्था हो। वहीं विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि सरकार किसानों को बिचौलियों से कैसे बचा पाएगी।

जवाब में मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि 23 मार्च 2022 को गेंहू क्रय नीति जारी की गई है। गेंहू का मूल्य केंद्र ने 2015 तय किया है। क्रय केंद्रों की व्यवस्था कर दी गई है। खरीफ सत्र 2021-22 में 2240.70 करोड़ के धान का क्रय किया गया है। जसपुर/बाजपुर/नानकमत्ता में भुगतान को देखा जाएगा। 1.60 करोड़ का भुगतान होना बाकी है। उन्होंने कहा कि गेंहू के क्रय केंद्र खाद्य विभाग के 36 हैं, अन्य को भी मिलाकर 241 केंद्र पर जाकर गेंहू या धान दे सकते हैं। एडवांस में कुमाऊं के लिए 40 करोड़ और गढ़वाल के गेंंहू खरीद के लिए एडवांस 10 करोड़ का इंतजाम किया गया है।

पीड़ित परिवारों को नहीं मिली मदद
विधायक हरीश धामी ने कहा कि 2017 से 21 तक आपदा में जान गंवाने वालों की आज तक मजिस्ट्रियल जांच पूरी नहीं हुई। पीड़ित परिवार को आज तक मदद नहीं मिल पाई। मंत्री प्रेमचंद ने इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए दिसम्बर 2021 में एक पॉलिसी लाई गई है।

2017 से लेकर 2021 तक कि आपदा में कम दिया गया मुआवजा
धारचूला कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने कहा कि 2017 से लेकर 2021 तक कि आपदा में मुआवजा कम दिया गया। एक घर में चार परिवार रहते थे लेकिन मुआवजा केवल एक को मिला। आपदा 2017 की और आंकलन किया जा रहा है 2011 की जनगणना के हिसाब से। दारमा वैली में 250 परिवार आपदा प्रभावित है। सरकार तत्काल पुनर्वास करे। आपदा प्रभावितों को हम एक लाख के बजाय 5-5 लाख की दो किश्त दें। सरकारी शौचालय के लिए हम 8 लाख का इस्टीमेट देते हैं लेकिन घर बनाने को एक लाख। इस पर मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि 2020-21 में पिथौरागढ़ के इलाकों में संबंधित डीएम की डिमांड के हिसाब से जारी हुई। 17-18 अक्टूबर 2021 को नैनीताल में आई आपदा पर प्रभावितों को आपदा राहत राशि जिला स्तर पर जारी की गई। 24 भवन नैनीताल में क्षतिग्रस्त हुए थे, जिसके लिए 43 लाख जारी हुए।

पुरानी पेंशन को बहाल करने की उठी मांग
अल्मोड़ा कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी  ने पुरानी पेंशन को बहाल किया जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि  2004 में पुरानी पेंशन को खत्म कर नई स्कीम लाई गई। वहीं वित्त मंत्री प्रेमचंद ने कहा कि एक अक्टूबर 2005 से राज्य ने नई पेंशन योजना लागू की। यह सत्य है कि कर्मचारी संगठनों ने मांग की है। सभी को शामिल करते हुए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।
 
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भोजनावकाश के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू
प्रतापनगर से कांग्रेस विधायक विक्रम सिंह नेगी ने फिकवाल समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग। जवाब में समाज कल्याण मंत्री चंदन रामदास ने कहा कि केंद्रीय सूची में शामिल कराने का अधिकार केंद्र को है। पूर्व में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग केंद्र सरकार से अनुरोध कर चुका है। इसमें फिकवाल समुदाय भी शामिल है। नेगी  ने कहा कि दोबारा भारत सरकार को पत्र भेजा जाए।

हरबंस कपूर को याद करते हुए फफक पड़े मंत्री गणेश जोशी
विधानसभा सत्र के दौरान विधायक हरबंस कपूर के निधन पर शोक जताया गया। इस दौरान हरबंस कपूर को याद करते हुए मंत्री गणेश जोशी फफक पड़े। वह बेहद भावुक हो गए।

पहली बार बगैर नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस
विधानसभा में संभवत: पहली बार ऐसा हुआ जब कांग्रेस सदन में बगैर नेता प्रतिपक्ष के उतरी थी। विधायक मंडल दल की बैठक में कांग्रेस अभी तक नेता प्रतिपक्ष तय नहीं कर पाई। नतीजा यह रहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में उसका कोई सदस्य प्रतिभाग नहीं कर सका। सत्र के दौरान वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह और यशपाल आर्य ही पार्टी की ओर से सवाल उठाते हुए नजर आए।
 
राज्यपाल के अभिभाषण पर हो रही चर्चा
विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण पर चर्चा हो रही है। इससे पहले पूर्व विधायक हरबंस कपूर और गोपाल ओझा को श्रद्धांजलि दी गई।

दूसरे दिन की सदन की कार्यवाही शुरू
उत्तराखंड में विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदन में पहुंच गए हैं। विपक्ष बाहर प्रदर्शन कर रहा है। 
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