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उत्तराखंड सत्ता संग्राम 2022: बाजपुर सीट पर न मुद्दे, न बयार... जातीय समीकरणों पर हैं प्रत्याशी सवार

Wed, 09 Feb 2022 01:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal संवाद न्यूज एजेंसी, बाजपुर

सार

बाजपुर (एससी आरक्षित) सीट पर कांग्रेस से यशपाल आर्य, भाजपा से राजेश कुमार, आप से सुनीता टम्टा बाजवा और बसपा से विजयपाल जाटव चुनाव मैदान में हैं। सपा ने धनराज भारती को टिकट दिया है।
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कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल आर्य - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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कोसी नदी के कारण दो हिस्सों में बंटी बाजपुर विधानसभा सीट पर चुनावी समीकरण इस बार बेहद जटिल हैं। यहां न तो कोई खास मुद्दे हैं और ना ही किसी प्रत्याशी के पक्ष में एकतरफा बयार दिखाई पड़ रही है। त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे प्रत्याशी जातीय समीकरण का गणित भिड़ा रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल आर्य जहां विकास की दुहाई दे रहे हैं, वहीं भाजपा और आप समेत अन्य दल उन्हें दल बदल के मुद्दे पर घेर रहे हैं।

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बाजपुर (एससी आरक्षित) सीट पर कांग्रेस से यशपाल आर्य, भाजपा से राजेश कुमार, आप से सुनीता टम्टा बाजवा और बसपा से विजयपाल जाटव चुनाव मैदान में हैं। सपा ने धनराज भारती को टिकट दिया है। चुनाव में कोई बड़ा मुद्दा न होने की वजह से दावेदार और उनके सिपहसालार अपने-अपने पक्ष में जातीय समीकरण बैठाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगाए हुए हैं। यहां अल्पसंख्यक और एससी मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं।

दोनों वर्गों के मतों का कुल हिस्सा 60 फीसदी से ज्यादा है। किसान आंदोलन में सक्रिय रहे जगतार सिंह बाजवा की पत्नी सुनीता टम्टा कांग्रेस से टिकट की दावेदार थीं लेकिन भाजपा से पाला बदलकर कांग्रेस में आए यशपाल आर्य ने पार्टी का टिकट झटक लिया। इसके बाद सुनीता को आप ने चुनाव मैदान में उतार दिया। कांग्रेस और आप प्रत्याशियों के बीच अल्पसंख्यक मतों का बिखराव भाजपा के लिए मुफीद हो सकता है। 
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कोसी नदी बाजपुर क्षेत्र को दो हिस्सों में बांटती है। नदी के आसपास बसे गुलजारपुर, बाजावाला, मेहतावन और लक्ष्मीपुरलच्छी आदि गांव बाजपुर ब्लॉक में पड़ते हैं। उन्हें बाजपुर जाने के लिए सुल्तानपुरपट्टी होते हुए करीब 25 से 30 किमी तक का लंबा सफर करना पड़ता है। इन गांवों से बाजपुर जाने के लिए जगतपुरपट्टी से जोगीपुरा तक कोसी नदी पर पुल बनाने का मुद्दा हर बार उठता रहा है लेकिन इसके बावजूद कभी यह चुनावी मुद्दा नहीं बन सका। इसके अलावा अन्य जन समस्याओं के मुद्दे भी यहां गौण हैं। उत्तराखंड के पहले दो चुनावों में बाजपुर से भाजपा प्रत्याशी चुनाव जीते। 2012 के चुनाव में यशपाल कांग्रेस और 2017 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए।

बाजपुर विस क्षेत्र (मतदाता)
कुल मतदाता 1,51, 469  
पुरुष मतदाता- 79230
महिला मतदाता- 72235
अन्य मतदाता- 4

अनुमानित जातीय आकंडे़: 30 प्रतिशत एससी, 22 प्रतिशत मुस्लिम, 10 प्रतिशत बुक्सा, करीब 11 प्रतिशत सिख और 8 फीसदी ब्राह्मण हैं। 

2017 के चुनावी नतीजे 
यशपाल आर्य (भाजपा)- 54965, सुनीता टम्टा बाजवा (कांग्रेस)-42329, राम अवतार (बसपा)-4511

बाजपुर सीट पर मुख्य मुद्दे 
ग्राम जगतपुरपट्टी से जोगीपुरा तक कोसी नदी पर पुल बनाने, बाजपुर चीनी मिल के डिस्टिलरी प्लांट का नवीनीकरण किए जाने, कुंडेश्वरी को नगरपंचायत का दर्जा दिए जाने, कुंडेश्वरी में कन्या महाविद्यालय की स्थापना किए जाने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण और विद्यालयों की स्थिति में सुधार किए जाने के मुद्दे अहम हैं। 

बाजपुर विस क्षेत्र में पिछले दस वर्षों में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। पूरे क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछ चुका है। उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार आ रही है। लोगों को कांग्रेस से बहुत उम्मीदें हैं।  
- यशपाल आर्य, कांग्रेस प्रत्याशी

बाजपुर के मतदाता दलबदल करने वाले नेताओं से नाराज हैं। इस चुनाव में मतदाता दल बदलने वाले नेताओं को वोट की चोट देने के लिए तैयार बैठे हैं। वह दोनों दलों के प्रत्याशियों से अपना मुकाबला मानते हैं।
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- राजेश कुमार, भाजपा प्रत्याशी 

लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह चुनाव आम आदमी के सहयोग से लड़ा जा रहा है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी का मुकाबला भाजपा से है।
- सुनीता टम्टा बाजवा, आप प्रत्याशी

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