इस सीट पर वर्ष 2012 में पूर्व सीएम भुवनचंद्र खंडूड़ी चुनाव हार गए थे। उन्हें कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह नेगी ने 4623 मतों से हराया था। भुवन चंद्र खंडूड़ी को यहां से 27194 वोट मिले थे। जबकि सुरेंद्र सिंह नेगी ने 31797 मत लेकर जीत हासिल की थी। जबकि 2017 के चुनाव में कोटद्वार सीट से भाजपा ने हरक सिंह रावत को टिकट दिया था। जिस पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इस बार ऋतु खंडूड़ी के पास पिता की हार का बदला लेने का मौका है।
वहीं, हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से इस बार कांग्रेस ने पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत को दांव लगाया है। वर्ष 2017 के चुनाव में हरीश रावत ने यहां से चुनाव लड़ा था। लेकिन वे चुनाव हार गए थे। भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद ने उन्हें 12278 मतों से हराया था। जबकि हरीश रावत को 32686 मत मिले थे।
अनुपमा रावत पहली बार चुनाव लड़ रही है और मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी स्वामी यतीश्वरानंद से है। दोनों सीटों पर सभी लोगों की निगाहें टिकी है कि बेटियां पिता की हार का बदला ले पाएंगी।