आम आदमी पार्टी से सियासी सफर शुरू करने वाले कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.) क्या अपनी कर्मभूमि उत्तरकाशी से उत्तराखंड नवनिर्माण का सपना साकार कर पाएंगे, इस सवाल पर सभी की निगाहें टिकी हैं। राज्य गठन के बाद हुए चार विस चुनावों में गंगोत्री विधानसभा सीट पर बारी-बारी से कांग्रेस और भाजपा का वर्चस्व रहा है। कोठियाल के सामने कांग्रेस और भाजपा के चुनावी चक्रव्यूह को भेदने की चुनौती है। वे सियासी सर्जिकल के लिए पहली बार चुनावी रण में उतरे हैं।
27 साल तक सेना में सेवाएं देकर देश की रक्षा के लिए कोठियाल ने कई मोर्चो को संभाला है। लेकिन अब सियासी सफर शुरू कर उत्तराखंड नवनिर्माण का दावा किया है। कोठियाल ने 19 अप्रैल 2021 को आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर राजनीति सफर शुरू किया। वर्ष 2013 में वे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्राचार्य बनकर उत्तरकाशी पहुंचे थे। जिसका मकसद युवाओं को पहाड़ों पर चढ़ने की ट्रेनिंग देना था। उत्तराखंड आपदा के दौरान सबसे पहले रेस्क्यू ऑपरेशन गंगोत्री क्षेत्र में किया। जिसके बाद 2014 में केदारनाथ पुनर्निर्माण का जिम्मा सौंपा गया।
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आप की ओर से कर्नल कोठियाल को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया। उनके ऊपर गंगोत्री सीट से कांग्रेस और भाजपा का दुर्ग भेदने के साथ ही अन्य सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी है। गंगोत्री सीट से अभी तक कांग्रेस और भाजपा के बीच ही सीधा मुकाबला रहता है। इस बार कोठियाल के चुनाव में उतरने से तीसरा कोण बनने से मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। गंगोत्री सीट से कांग्रेस ने पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण और भाजपा ने सुरेश चौहान को चुनाव मैदान में उतारा है।
आप के प्रदेश उपाध्यक्ष मेजर जनरल जखमोला (रि.) ने छोड़ी पार्टी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष मेजर जनरल चंद्र किशोर जखमोला (रि.) ने पार्टी को छोड़ने की घोषणा की है। बताया कि अभी वे किसी भी राजनीतिक दल में नहीं जाएंगे और अपने सीमित संसाधनों से जनता की सेवा करते रहेंगे।
रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में मेजर जनरल जखमोला ने कहा कि उनके मन में उत्तराखंड के विकास को लेकर कार्य करने की ललक थी। इसी लिए उन्होंने आम आदमी पार्टी का सहारा लिया था। लेकिन, यह उनकी जल्दबाजी में लिया गया निर्णय साबित हुआ। उन्होंने कहा कि आप को उत्तराखंड के विकास से किसी प्रकार का सरोकार नहीं है। प्रदेश का प्रभारी उत्तराखंड का नहीं है, यही नहीं देहरादून में आप ने एक भी पहाड़ी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया। कर्नल कोठियाल अरविंद केजरिवाल के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं, उनको प्रत्याशियों का टिकट देने पर पूछा तक नहीं गया है। केजरीवाल की कार्यप्रणाली के कारण आज कई लोग आप को छोड़कर चले गए हैं।